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नगर निगम के एक और अधिकारी के खिलाफ खुली जांच
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम के एक और अधिकारी के खिलाफ जांच खुल गई है। अधिकारी पर कई लोगों के भवनों के नक्शे और इनकी कंपलीशन रिपोर्ट जानबूझकर लटकाने के आरोप लगे हैं। लिखित शिकायत में कहा है कि रसूखदार और ऊंची पहुंच वाले लोगों की फाइलें तुरंत निपटाई जा रही हैं जबकि आम जनता की फाइलें एक साल से अंडर प्रोसेस कहकर लटकाई जा रही हैं। इसके चलते लोग बिजली-पानी के कनेक्शन नहीं ले पा रहे।
संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा ने इस लिखित शिकायत पर कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी से जवाब मांग लिया है। संयुक्त आयुक्त ने पूछा कि आखिर अब तक कितने भवनों की कंपलीशन रिपोर्ट लंबित है, किस आधार पर कंपलीशन रिपोर्ट दी जाती है, जो रिपोर्ट लटकी है, उसके क्या कारण हैं। आम जनता की फाइलें प्राथमिकता से क्यों नहीं निपटाई जा रहीं। इन सबका रिकॉर्ड देने को कहा है। हालांकि, शिकायत कितनी सही है, इसका पता जांच के बाद ही चलेगा। उधर, संयुक्त आयुक्त ने लोगों की फाइलें अटकाने के मामले में सख्त दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं। जनता की फाइलें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर निपटाने को कहा है जो फाइलें एक साल से लटकी हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश जारी किए हैं।
दो बार मिल चुकी शिकायत
सूत्रों के अनुसार पिछले साल अप्रैल में छोटा शिमला, यूएस क्लब के कुछ लोगों ने अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि निगम रसूखदार और ऊंची पहुंच वाले लोगों के नक्शे और कंपलीशन रिपोर्ट तो तुरंत कर देता है, लेकिन आम जनता की फाइलें लटकाई जा रही हैं। निगम पहुंचने पर हर बार जवाब मिलता है कि फाइल अंडर प्रोसेस है। उस समय निगम प्रशासन ने जांच के नाम पर लीपापोती की और शिकायतकर्ताओं के सामने न आने पर इसे खारिज कर दिया। अक्तूबर में फिर लोगों ने निगम को शिकायत की। महीनों तक फाइल दबी रही। अब जाकर यह फाइल संयुक्त आयुक्त को मिली है। शहरवासियों की फाइलें लटकने के मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त आयुक्त ने संबंधित शाखा से इसका रिकॉर्ड तलब कर लिया है।
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शिमला। नगर निगम के एक और अधिकारी के खिलाफ जांच खुल गई है। अधिकारी पर कई लोगों के भवनों के नक्शे और इनकी कंपलीशन रिपोर्ट जानबूझकर लटकाने के आरोप लगे हैं। लिखित शिकायत में कहा है कि रसूखदार और ऊंची पहुंच वाले लोगों की फाइलें तुरंत निपटाई जा रही हैं जबकि आम जनता की फाइलें एक साल से अंडर प्रोसेस कहकर लटकाई जा रही हैं। इसके चलते लोग बिजली-पानी के कनेक्शन नहीं ले पा रहे।
संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा ने इस लिखित शिकायत पर कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी से जवाब मांग लिया है। संयुक्त आयुक्त ने पूछा कि आखिर अब तक कितने भवनों की कंपलीशन रिपोर्ट लंबित है, किस आधार पर कंपलीशन रिपोर्ट दी जाती है, जो रिपोर्ट लटकी है, उसके क्या कारण हैं। आम जनता की फाइलें प्राथमिकता से क्यों नहीं निपटाई जा रहीं। इन सबका रिकॉर्ड देने को कहा है। हालांकि, शिकायत कितनी सही है, इसका पता जांच के बाद ही चलेगा। उधर, संयुक्त आयुक्त ने लोगों की फाइलें अटकाने के मामले में सख्त दिशानिर्देश भी जारी कर दिए हैं। जनता की फाइलें पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर निपटाने को कहा है जो फाइलें एक साल से लटकी हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश जारी किए हैं।
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दो बार मिल चुकी शिकायत
सूत्रों के अनुसार पिछले साल अप्रैल में छोटा शिमला, यूएस क्लब के कुछ लोगों ने अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि निगम रसूखदार और ऊंची पहुंच वाले लोगों के नक्शे और कंपलीशन रिपोर्ट तो तुरंत कर देता है, लेकिन आम जनता की फाइलें लटकाई जा रही हैं। निगम पहुंचने पर हर बार जवाब मिलता है कि फाइल अंडर प्रोसेस है। उस समय निगम प्रशासन ने जांच के नाम पर लीपापोती की और शिकायतकर्ताओं के सामने न आने पर इसे खारिज कर दिया। अक्तूबर में फिर लोगों ने निगम को शिकायत की। महीनों तक फाइल दबी रही। अब जाकर यह फाइल संयुक्त आयुक्त को मिली है। शहरवासियों की फाइलें लटकने के मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त आयुक्त ने संबंधित शाखा से इसका रिकॉर्ड तलब कर लिया है।
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