एनएच बहाल, अब शीशा बनी बर्फ ने बढ़ाईं दिक्कतें
बर्फबारी के तीन दिन बाद राष्ट्रीय राजमार्ग 05 कुफरी और नारकंडा में बहाल हो गया है। लेकिन सड़क पर जमी बर्फ के कारण फिसलन के चलते आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। वीरवार को इक्का दुक्का बसें ही इस रूट पर चल सकीं। वहीं तीन दिन बाद भी ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ूू सड़क खड़ापत्थर के पास बंद पड़ी है। ठियोग-चौपाल-नेरवा सड़क देहा के पास बंद है। वीरवार को जिला शिमला में एचआरटीसी और प्राइवेट बसों के करीब सवा दो सौ रूट फेल हुए। सौ के करीब एचआरटीसी और प्राइवेट बसें अभी भी सड़कें बंद होने के कारण जगह-जगह फंसी हुई हैं।
ठियोग और शिमला के बीच भी वीरवार को बसों की आवाजाही सामान्य नहीं हो पाई। इस कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। शिमला-रामपुर रूट पर वीरवार को अंबाला-रामपुर और कुल्लू-आनी बस ही रवाना हो पाई। रामपुर से वाया नारकंडा कुफरी होते हुए सराहन-चिंतपूर्णी बस रवाना की गई। दोनों ओर से रवाना हुई बसों को सड़क पर फिसलन के चलते जाम लगने के कारण सफर तय करने में सामान्य के मुकाबले तीन गुना समय लग गया।
रामपुर से सुंगरी, रोहड़ूू, कोटगढ़, दरकाली, जगोरी, बागा सराहन रूट बंद हैं। रामपुर से रिकांगपिओ जाने वाली बसें कड़छम तक ही रवाना हो पा रही हैं।
ठियोग-हाटकोटी-रोहड़ूू सड़क खड़ापत्थर के पास बंद है। रोहड़ूू की ओर से सड़क को जुब्बल तक क्लीयरेंस दे दी गई है।
दूसरी ओर कोटखाई तक भी सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। खड़ापत्थर बंद होने के कारण एचआरटीसी रोहड़ूू डिपो के करीब 26 लांग रूट ठप पड़े हैं। लोकल रूटों पर सुरक्षित स्थानों पर करीब 8 बसें फंसी हुई हैं। शिमला से चौपाल नेरवा रूट पर बसों की आवाजाही पूरी तरह ठप है।
मशोबरा में सड़क पर जमी बर्फ बनी शीशा
वीरवार सुबह ढली-मशोबरा रूट पर सड़क पर जमीं बर्फ शीशे में बदल गई थीं। सड़क पर फिसलन होने से सुबह के समय इस रूट पर बसें नहीं चल पाईं। हालांकि दोपहर बाद बसों की आवाजाही सामान्य हो गईं।