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अवैध निर्माण के खिलाफ होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:34 AM IST
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संजौली-ढली बाईपास पर 14 निर्माण ऐसे हैं, जिनके बारे में सरकार को यह पता नहीं है कि ये सड़क बनने से पहले बने थे या बाद में। सरकार की ओर से प्रदेश हाईकोर्ट को बताया गया कि अवैध निर्माणों की जानकारी मिलते ही इनके विरुद्ध जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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नगर निगम शिमला और बिजली बोर्ड की ओर से बताया गया कि एक सप्ताह के भीतर यह जानकारी लोक निर्माण विभाग को दे दी जाएगी। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर वांछित कार्रवाई की जाएगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ के समक्ष संजौली-ढली बाईपास पर अवैध निर्माणों को लेकर चल रही जनहित याचिका में यह जानकारी दी गई।
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मुख्य सचिव ने शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट को बताया कि प्रभु देवी और प्रयाग राज दोनों के दो-दो निर्माण सड़क बनने से पूर्व पहले के हैं और निजी भूमि पर बनाए गए हैं। उपमंडल अधिकारी शिमला शहरी ने बताया है कि अन्य 14 निर्माण सरकारी भूमि पर बनाए गए हैं और यह भूमि गैर मरूसी चकौता के तौर पर दर्ज है।
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सरकारी भूमि पर भूपेंद्र ठाकुर, चमन लाल, जसविंदर, अनिल कु मार, पप्पू, दिलीप सिंह, बाबूराम, जसवंत सिंह, बालकराम के दो निर्माण, जसवीर सिंह, शंकरलाल, जोधा मल सूद, कुंभ राम और इंद्र सिंह की ओर से किए गए निर्माण शामिल हैं। इन निर्माणों को बिजली-पानी मुहैया करवाने की जानकारी जुटाई जा रही है और यह जानकारी मिलते ही कोर्ट को अवगत करवाया जाएगा।