{"_id":"5a4d173c4f1c1b3d198b4aa5","slug":"151515001660-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफाई व्यवस्\nथा ठप, शुल्क बढ़ाने के बाद भी नहीं उठ रहा रोज कूड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफाई व्यवस् था ठप, शुल्क बढ़ाने के बाद भी नहीं उठ रहा रोज कूड़ा
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
शुल्क बढ़ाने के बाद भी नहीं उठ रहा कूड़ा
समरहिल में छह दिन से गंदगी का आलम
ढली बाजार में भी कूड़े से भरे डस्टबिन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है। घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने का शुल्क बढ़ाने के बावजूद वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। हालत यह है कि समरहिल वार्ड में पिछले छह दिनों से कूड़ा नहीं उठ रहा है।
स्थानीय पार्षद शैली शर्मा का कहना है कि एमआई रूम समेत वार्ड के कई इलाकों में घरों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इसके अलावा निगम की गाड़ी भी छह दिनों से नहीं पहुंची है। इससे जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। इसको लेकर नगर निगम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सेनेटरी इंस्पेक्टर से शिकायत की लेकिन इसके बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही है। उधर, ढली बाजार में भी बुधवार को कूड़ा नहीं उठा। दुकानदार ऋषभ सूद ने कहा कि सुबह से ही दुकानों में डस्टबिन पड़े हैं। टुटू में भी कई इलाकों में तीसरे दिन कूड़ा उठ रहा है। स्थानीय पार्षद विवेक शर्मा का कहना है कि सैहब कर्मियों के छुट्टी पर जाने से व्यवस्था गड़बड़ा रही है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि निगम ने शुल्क तो दोगुना कर दिया है, लेकिन सफाई व्यवस्था पहले से भी बदतर होती जा रही है।
इसलिए बढ़ रही परेशानी
सभी वार्डों में जनसंख्या के हिसाब से सैहब कर्मियों की कमी है। ऐसे में यदि कोई कर्मचारी छुट्टी चला जाता है तो उसकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन करने वाले कर्मचारी 503 हैं, जबकि जरूरत 700 से ज्यादा की है। वहीं, निगम के पास 34 वार्डों के लिए सिर्फ 25 गाड़ियां हैं, जो कूड़ा उठाती हैं। इनमें से भी कई खराब रहती हैं।
विज्ञापन
क्या कहती हैं मेयर
वार्डों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का जिम्मा खुद पार्षदों को भी उठाना चाहिए। जिन वार्डों में सफाई को लेकर शिकायतें आ रही हैं, वहां जल्द व्यवस्था सुधारी जाएगी।
कुसुम सदरेट, नगर निगम महापौर
विज्ञापन
समरहिल में छह दिन से गंदगी का आलम
ढली बाजार में भी कूड़े से भरे डस्टबिन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है। घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने का शुल्क बढ़ाने के बावजूद वार्डों में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। हालत यह है कि समरहिल वार्ड में पिछले छह दिनों से कूड़ा नहीं उठ रहा है।
स्थानीय पार्षद शैली शर्मा का कहना है कि एमआई रूम समेत वार्ड के कई इलाकों में घरों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। इसके अलावा निगम की गाड़ी भी छह दिनों से नहीं पहुंची है। इससे जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। इसको लेकर नगर निगम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सेनेटरी इंस्पेक्टर से शिकायत की लेकिन इसके बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही है। उधर, ढली बाजार में भी बुधवार को कूड़ा नहीं उठा। दुकानदार ऋषभ सूद ने कहा कि सुबह से ही दुकानों में डस्टबिन पड़े हैं। टुटू में भी कई इलाकों में तीसरे दिन कूड़ा उठ रहा है। स्थानीय पार्षद विवेक शर्मा का कहना है कि सैहब कर्मियों के छुट्टी पर जाने से व्यवस्था गड़बड़ा रही है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि निगम ने शुल्क तो दोगुना कर दिया है, लेकिन सफाई व्यवस्था पहले से भी बदतर होती जा रही है।
विज्ञापन
इसलिए बढ़ रही परेशानी
सभी वार्डों में जनसंख्या के हिसाब से सैहब कर्मियों की कमी है। ऐसे में यदि कोई कर्मचारी छुट्टी चला जाता है तो उसकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन करने वाले कर्मचारी 503 हैं, जबकि जरूरत 700 से ज्यादा की है। वहीं, निगम के पास 34 वार्डों के लिए सिर्फ 25 गाड़ियां हैं, जो कूड़ा उठाती हैं। इनमें से भी कई खराब रहती हैं।
विज्ञापन
क्या कहती हैं मेयर
वार्डों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का जिम्मा खुद पार्षदों को भी उठाना चाहिए। जिन वार्डों में सफाई को लेकर शिकायतें आ रही हैं, वहां जल्द व्यवस्था सुधारी जाएगी।
कुसुम सदरेट, नगर निगम महापौर