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निगम पार्षद भी मैदान में, वार्ड से बढ़त दिलाने का जिम्मा
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:18 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। विधानसभा चुनाव में नगर निगम के मेयर-डिप्टी मेयर समेत पार्षदों की फौज भी चुनाव मैदान में उतर गई है। पार्टी उम्मीदवार को अपने वार्ड से बढ़त दिलाने को लेकर सभी पार्षदों की साख दांव पर है। इसलिए सभी कामकाज छोड़ अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में जमकर पसीना बहा रहे हैं। पार्टी की ओर से पार्षदों को अपने वार्ड से उम्मीदवार को बढ़त दिलाने का जिम्मा सौंपा गया है। वार्ड में जितने भी बूथ होंगे, उनकी वोटर लिस्ट पार्षदों को थमाकर घर-घर पहुंचने को कहा गया है। वहीं, मेयर कुसुम सदरेट और डिप्टी मेयर राकेश शर्मा तीनों उम्मीदवारों के साथ प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के पास जहां 19 वार्ड के पार्षदों की फौज है तो कांग्रेस को भी फिलहाल 14 में से 13 वार्ड के पार्षदों का साथ मिल रहा है। पार्षद कार्यकर्ताओं के साथ सुबह आठ बजे से लेकर देर रात दस बजे तक अपने वार्ड में जाकर वोट मांग रहे हैं।
नगर निगम के तहत तीन विस सीटें
नगर निगम के तहत राजधानी की तीन विधानसभा सीटें आती हैं। शिमला ग्रामीण में जहां टुटू, मज्याठ, कच्चीघाटी वार्ड के क्षेत्र आते हैं वहीं, कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में भट्ठाकुफर, मल्याणा, अपर ढली, लोअर ढली, पंथाघाटी, बीसीएस, न्यू शिमला, कंगनाधार, विकासनगर, कसुम्पटी वार्ड का काफी हिस्सा आता है। शिमला शहरी सीट के तहत जाखू, लोअर बाजार, रामबाजार, बैनमोर, कनलोग, संजौली, भराड़ी, रुल्दूभट्टा, कैथू, बालूगंज, नाभा, फागली और छोटा शिमला वार्ड आते हैं। पार्षदों को वार्ड में छोटी जनसभाएं करवाने और रैली में भीड़ जुटाने का भी जिम्मा दिया गया है।
कांग्रेस की जाखू वार्ड से पार्षद अर्चना धवन कांग्रेस से बागी और बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे हरीश जनारथा के साथ प्रचार कर रही हैं। समरहिल से माकपा पार्षद शैली शर्मा भी पूर्व मेयर संजय चौहान के साथ चुनाव प्रचार में डटी हैं।
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मेयर-डिप्टी मेयर प्रचार में, ऑफिस खाली
शिमला। मेयर डिप्टी मेयर अपने प्रत्याशियों के साथ डोर टू डोर प्रचार में पहुंच रहे हैं। पार्षदों की तुलना में इनकी जिम्मेदारी ज्यादा है। इन्हें तीनों उम्मीदवारों के साथ प्रचार में जाना पड़ रहा है। ऐसे में ज्यादातर समय इनके कार्यालय खाली रहते हैं।
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शिमला। विधानसभा चुनाव में नगर निगम के मेयर-डिप्टी मेयर समेत पार्षदों की फौज भी चुनाव मैदान में उतर गई है। पार्टी उम्मीदवार को अपने वार्ड से बढ़त दिलाने को लेकर सभी पार्षदों की साख दांव पर है। इसलिए सभी कामकाज छोड़ अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में जमकर पसीना बहा रहे हैं। पार्टी की ओर से पार्षदों को अपने वार्ड से उम्मीदवार को बढ़त दिलाने का जिम्मा सौंपा गया है। वार्ड में जितने भी बूथ होंगे, उनकी वोटर लिस्ट पार्षदों को थमाकर घर-घर पहुंचने को कहा गया है। वहीं, मेयर कुसुम सदरेट और डिप्टी मेयर राकेश शर्मा तीनों उम्मीदवारों के साथ प्रचार कर रहे हैं। भाजपा के पास जहां 19 वार्ड के पार्षदों की फौज है तो कांग्रेस को भी फिलहाल 14 में से 13 वार्ड के पार्षदों का साथ मिल रहा है। पार्षद कार्यकर्ताओं के साथ सुबह आठ बजे से लेकर देर रात दस बजे तक अपने वार्ड में जाकर वोट मांग रहे हैं।
नगर निगम के तहत तीन विस सीटें
नगर निगम के तहत राजधानी की तीन विधानसभा सीटें आती हैं। शिमला ग्रामीण में जहां टुटू, मज्याठ, कच्चीघाटी वार्ड के क्षेत्र आते हैं वहीं, कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र में भट्ठाकुफर, मल्याणा, अपर ढली, लोअर ढली, पंथाघाटी, बीसीएस, न्यू शिमला, कंगनाधार, विकासनगर, कसुम्पटी वार्ड का काफी हिस्सा आता है। शिमला शहरी सीट के तहत जाखू, लोअर बाजार, रामबाजार, बैनमोर, कनलोग, संजौली, भराड़ी, रुल्दूभट्टा, कैथू, बालूगंज, नाभा, फागली और छोटा शिमला वार्ड आते हैं। पार्षदों को वार्ड में छोटी जनसभाएं करवाने और रैली में भीड़ जुटाने का भी जिम्मा दिया गया है।
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कांग्रेस की जाखू वार्ड से पार्षद अर्चना धवन कांग्रेस से बागी और बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे हरीश जनारथा के साथ प्रचार कर रही हैं। समरहिल से माकपा पार्षद शैली शर्मा भी पूर्व मेयर संजय चौहान के साथ चुनाव प्रचार में डटी हैं।
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मेयर-डिप्टी मेयर प्रचार में, ऑफिस खाली
शिमला। मेयर डिप्टी मेयर अपने प्रत्याशियों के साथ डोर टू डोर प्रचार में पहुंच रहे हैं। पार्षदों की तुलना में इनकी जिम्मेदारी ज्यादा है। इन्हें तीनों उम्मीदवारों के साथ प्रचार में जाना पड़ रहा है। ऐसे में ज्यादातर समय इनके कार्यालय खाली रहते हैं।