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Shimla News: नशे को लेकर जिला शिमला में 15 पंचायतें संवेदनशील
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एनकोर्ड की बैठक में डीसी ने अधिकारियों को दिए निर्देश, नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुनर्वास पर भी दें जोर
एक माह में 54 बीघा जमीन से नष्ट की भांग की खेती
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में नशे की दृष्टि से 15 पंचायतों को संवेदनशील चिह्नित किया है। इन पंचायतों में वर्ष 2023 से 2025 तक के एनडीपीएस मामलों का डाटा तैयार कर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह जानकारी मंगलवार को जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोआर्डिनेशन कमेटी (एनकोर्ड) की बैठक में दी गई।
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में नशे की तस्करी, रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और पुनर्वास को लेकर समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को नशे के संभावित स्रोतों और हॉटस्पॉट की पहचान कर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक माह में 54 बीघा भूमि पर उगाई भांग की खेती नष्ट की है। इस साल अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 263 मामले दर्ज कर 526 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सितंबर में 35 मामले दर्ज हुए और 45 आरोपी पकड़े हैं। इसके अलावा, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में अब तक 68 आरोपियों की करीब 12.52 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की जा चुकी है। इस वर्ष जिले में 9 किलो 986 ग्राम चिट्टा पकड़ा गया है।
डीसी अनुपम कश्यप ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान जरूरी हैं, लेकिन प्रयास केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए।
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अतिक्रमण के मामलों में हो कार्रवाई : गौरव सिंह
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है और भांग की खेती नष्ट करने के अभियान में राजस्व विभाग का सहयोग बढ़ा है। उन्होंने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के अतिक्रमण के मामलों में भी विभागों को समन्वय के साथ कार्रवाई करने को कहा। साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और पुलिस अधिकारियों को महीने में कम से कम दो बार इन केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी, एएसपी अमित ठाकुर और एसडीएम शहरी सन्नी शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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एक माह में 54 बीघा जमीन से नष्ट की भांग की खेती
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में नशे की दृष्टि से 15 पंचायतों को संवेदनशील चिह्नित किया है। इन पंचायतों में वर्ष 2023 से 2025 तक के एनडीपीएस मामलों का डाटा तैयार कर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट बनाई जाएगी। यह जानकारी मंगलवार को जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोआर्डिनेशन कमेटी (एनकोर्ड) की बैठक में दी गई।
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में नशे की तस्करी, रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और पुनर्वास को लेकर समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को नशे के संभावित स्रोतों और हॉटस्पॉट की पहचान कर निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक माह में 54 बीघा भूमि पर उगाई भांग की खेती नष्ट की है। इस साल अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 263 मामले दर्ज कर 526 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सितंबर में 35 मामले दर्ज हुए और 45 आरोपी पकड़े हैं। इसके अलावा, एनडीपीएस एक्ट के मामलों में अब तक 68 आरोपियों की करीब 12.52 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज की जा चुकी है। इस वर्ष जिले में 9 किलो 986 ग्राम चिट्टा पकड़ा गया है।
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डीसी अनुपम कश्यप ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान जरूरी हैं, लेकिन प्रयास केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए।
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अतिक्रमण के मामलों में हो कार्रवाई : गौरव सिंह
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है और भांग की खेती नष्ट करने के अभियान में राजस्व विभाग का सहयोग बढ़ा है। उन्होंने नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के अतिक्रमण के मामलों में भी विभागों को समन्वय के साथ कार्रवाई करने को कहा। साथ ही नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और पुलिस अधिकारियों को महीने में कम से कम दो बार इन केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी, एएसपी अमित ठाकुर और एसडीएम शहरी सन्नी शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।