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प्रदेश में बढ़ेगी फूलों की व्यावसायिक खेती, 150 करोड़ की योजना बनाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 09 Jul 2018 09:09 AM IST
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बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में फूलों की खेती को व्यापक बढ़ावा देने के लिए 150 करोड़ रुपये की एक पंचवर्षीय महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई है।
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इसमें प्रगतिशील कृषकों को फूलों की खेती को बड़े पैमाने पर अपनाने के प्रति प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल पुष्प क्रांति नामक इस नई योजना के तहत इस वर्ष 10 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे, जिसमेंकृषकों को अनेक प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।
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इससे वे पुष्प खेती को अपनाने के लिए आगे आएं। उद्यान मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि पुष्प क्रांति योजना को लागू करने के लिए बागवानी विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जिससे इस योजना को तुरंत प्रभावशाली ढंग से लागू किया जा सके।
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योजना का मुख्य उद्देश्य फूलों की व्यावसायिक खेती और सजावटी पौधों की खेती को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर सृजित करना और आने वाले समय में हिमाचल को एक पुष्प राज्य के रूप में उभारना है।
योजना के तहत नियंत्रित वातावरण में ग्रीन हाउस तकनीक के माध्यम से फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा तथा फूलों की उपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की मंडियों तक पहुंचाने के विशेष प्रबंध किए जाएंगे, ताकि कृषकों को इसके बेहतर दाम मिल सकें। प्रदेश में लगभग 5 हजार कृषक 643 हेक्टेयर भूमि में फूलों की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं, जिससे लगभग 87.25 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है।
प्रदेश में मुख्य रूप से गेंदा, गुलाब, ग्लैडियोलस, गुलदाउदी, कारनेशन, लिलियम, जरबैरा और अन्य मौसमी फूल उगाए जा रहे हैं। प्रदेश में इस समय ‘कट फ्लावर’ का उत्पादन लगभग 16.74 करोड़ रुपये का हो रहा है। खुले बिकने वाले गेंदा और गुलदाउदी जैसे फूलों का यहां लगभग 12347 मीट्रिक टन का उत्पादन हो रहा है।