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आईजीएमसी में टेमीफ्लू दवाओं का स्टॉक खत्म
Wed, 30 Jan 2019 10:35 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 30 Jan 2019 10:35 AM IST
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आईजीएमसी में टेमीफ्लू की दवाओं का स्टॉक खत्म हो गया है। मंगलवार को अस्पताल के विभिन्न विभागों के वार्डों से आई डिमांड अस्पताल प्रबंधन पूरा नहीं कर पाया। वार्डों से दो सौ दवाओं की मांग के बदले प्रबंधन केवल कई जगहों पर बीस दवाएं ही उपलब्ध करवा पाया। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान में लगातार स्वाइन फ्लू के मामले आ रहे हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के
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पर्याप्त इंतजाम के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। प्रबंधन स्टोर में दवाओं का स्टॉक तक मुहैया नहीं करवा पा रहा है। मंगलवार को आनन फानन में करीब तीन सौ टेबलेट डीडीयू से मंगवाई गईं। अस्पताल के स्टोर में दवाओं का स्टॉक पूरी तरह खत्म है। आईजीएमसी में अब तक शिमला शहर के अलावा अन्य जिलों से स्वाइन फ्लू के दर्जनों मामले आ चुके हैं। अस्पताल की लैब में 80 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। 24 मरीज अभी तक स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुके हैं। मंगलवार को भी 14 सैंपल जांच को भेजे गए।
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बच्चों और गर्भवती के लिए यह बीमारी खतरनाक
डॉक्टरों के मुताबिक छोटे बच्चों और गर्भवती तथा बुजुर्गों के लिए यह बीमारी खतरनाक साबित हो सकती है। आईजीएमसी के मेडिसन विभाग के डॉक्टर प्रमोद जरेट ने बताया कि इस मौसम में ख्याल रखने की अधिक जरूरत है। इसके अलावा हलका बुखार, जुकाम, गला खराब, तेज बुखार और सांस चढ़ने जैसी समस्याएं होने पर तुरंत अस्पताल आकर उपचार करवाएं।
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बीमारी के लक्षण
नींद न आना बहुत ज्यादा थकान होना
बुखार, दवा खाने के बाद भी बुखार लगातार बढ़ना
कफ और कोल्ड तथा लगातार खांसी आना
इसके अलावा अस्थमा के मरीज जिनका इलाज चल रहा हो, 5 साल से कम उम्र के बच्चों तथा डायबिटीज के मरीजों को स्वाइन फ्लू से ग्रसित मरीजों से दूर रखें।
खुद इस तरह रोकें वायरस
खाना खाने से पहले या बाहर से आने पर हाथ अच्छी तरह धोएं
पौष्टिक भोजन खाएं, बुखार पर आराम करें
खांसें तो मुंह पर हाथ या रुमाल रखें
फ्लू के सीजन में किसी से हाथ न मिलाएं
बच्चे को बुखार और कफ हो तो उसे स्कूल न जाने दें
मरीज का तौलिया और रुमाल अलग कर दें