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Shimla News: जिले की 141 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित, न्यूट्रिशन किट कीं वितरित
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टीबी निवारक उपचार में अग्रणी बना जिला शिमला
अच्छा कार्य करने पर सम्मानित होंगी पंचायतें : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला टीबी निवारक उपचार की शुरुआत करने में अग्रणी जिला बना है। जिले में 100 प्रतिशत टीबी मरीजों को न्यूट्रिशन किट वितरित कर दी हैं। इस किट से क्षय रोगी जल्द स्वस्थ होते हैं।
जिले की 141 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया जा चुका है, इनमें 23 को स्वर्ण श्रेणी, 34 को रजत श्रेणी और 84 को कांस्य श्रेणी में रखा है। डीसी ने बताया कि विश्व टीबी दिवस पर 24 मार्च को गेयटी थियेटर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें टीबी मुक्त घोषित की गईं पंचायतों में स्वर्ण श्रेणी की पंचायतों के सचिवों को सम्मानित किया जाएगा। रजत और कांस्य श्रेणी वाली पंचायतों को खंड स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। डीसी अनुपम कश्यप ने सोमवार को जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जिले में टीबी से ग्रसित सभी मरीजों को निक्षय मित्रों के सहयोग के तहत न्यूट्रिशन किट वितरित की गई हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत वर्ष 2025 में 1358 मामलों में टीबी निवारक उपचार (टीपीटी) की शुरुआत की थी जिसमें 968 का उपचार शुरू किया गया। प्रदेश में यह दर 71 फीसदी है जो सबसे अधिक है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन प्रोग्राम के तहत जनवरी से दिसंबर 2025 तक 2230 का लक्ष्य रखा था इसमें से और इनमें 1972 हासिल किया गया जोकि 88 प्रतिशत रहा। एचआईवी टेस्टिंग के 1463 में से 1456, मधुमेह टेस्टिंग के 1463 में से 1454 लोगों की टेस्टिंग करवाई जा चुकी है। हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की रामपुर और मतियाना में सुविधा उपलब्ध करवाई है। बैठक में उपायुक्त ने आम लोगों से टीबी की समय से जांच करवाने को अस्पताल जाने की अपील भी की। बैठक में डॉ. विनीत लखनपाल ने टीबी और टीबी रोगियों के मौजूदा आंकड़े और स्थिति को लेकर एक प्रेजेंटेशन दी। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ. यशपाल रांटा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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अच्छा कार्य करने पर सम्मानित होंगी पंचायतें : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला टीबी निवारक उपचार की शुरुआत करने में अग्रणी जिला बना है। जिले में 100 प्रतिशत टीबी मरीजों को न्यूट्रिशन किट वितरित कर दी हैं। इस किट से क्षय रोगी जल्द स्वस्थ होते हैं।
जिले की 141 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया जा चुका है, इनमें 23 को स्वर्ण श्रेणी, 34 को रजत श्रेणी और 84 को कांस्य श्रेणी में रखा है। डीसी ने बताया कि विश्व टीबी दिवस पर 24 मार्च को गेयटी थियेटर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें टीबी मुक्त घोषित की गईं पंचायतों में स्वर्ण श्रेणी की पंचायतों के सचिवों को सम्मानित किया जाएगा। रजत और कांस्य श्रेणी वाली पंचायतों को खंड स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। डीसी अनुपम कश्यप ने सोमवार को जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि जिले में टीबी से ग्रसित सभी मरीजों को निक्षय मित्रों के सहयोग के तहत न्यूट्रिशन किट वितरित की गई हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत वर्ष 2025 में 1358 मामलों में टीबी निवारक उपचार (टीपीटी) की शुरुआत की थी जिसमें 968 का उपचार शुरू किया गया। प्रदेश में यह दर 71 फीसदी है जो सबसे अधिक है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन प्रोग्राम के तहत जनवरी से दिसंबर 2025 तक 2230 का लक्ष्य रखा था इसमें से और इनमें 1972 हासिल किया गया जोकि 88 प्रतिशत रहा। एचआईवी टेस्टिंग के 1463 में से 1456, मधुमेह टेस्टिंग के 1463 में से 1454 लोगों की टेस्टिंग करवाई जा चुकी है। हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की रामपुर और मतियाना में सुविधा उपलब्ध करवाई है। बैठक में उपायुक्त ने आम लोगों से टीबी की समय से जांच करवाने को अस्पताल जाने की अपील भी की। बैठक में डॉ. विनीत लखनपाल ने टीबी और टीबी रोगियों के मौजूदा आंकड़े और स्थिति को लेकर एक प्रेजेंटेशन दी। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला डॉ. यशपाल रांटा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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