प्राथमिक केंद्रों में ही होगा अब 14 रोगों का इलाज, पढ़ें पूरा मामला
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इनमें खांसी जुकाम, बुखार, निमोनिया, शुगर, पीलिया और रक्त चाप आदि शामिल हैं। बीमारी की जांच करने के लिए विभाग इन केंद्रों में एक टेस्ट किट भेजेगा। जिन स्वास्थ्य केंद्रों में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं हैं, वहां चीफ हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की तैनाती की जाएगी।
छह महीने के भीतर फेज वाइज 2000 सीएचओ को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जाएगा। स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात किए जाने वाले इन लोगों ने इग्नू से नर्सिंग कोर्स किया है। परीक्षा पास करने के बाद इन्हें सीएचओ का प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
प्रशिक्षण चंबा, नेरचौक, कांगड़ा, नाहन, टांडा, धर्मशाला, हमीरपुर, एमएमयू में दिया जाएगा। हर अस्पताल और कॉलेज में 60 सीएचओ को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। हिमाचल के स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाया जाएगा।
गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को मिलेंगे 2000 रुपये
करीब डेढ़ सौ हेल्थ सेंटर पहले ही वेलनेस सेंटर बन गए हैं। अब 400 केंद्रों को और वेलनेस सेंटर बनाया जा रहा है। प्रदेश के 2087 स्वास्थ्य केंद्र हेल्थ वेलनेस सेंटर बनेंगे। इन सेंटरों के बनने से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होगी। सरकार गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को हर महीने दो-दो हजार रुपये देगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश में सहारा योजना शुरू करने जा रहे हैं। इसमें कैंसर, लकवा, पारकिंसन, मस्कुलर डिस्ट्रोफी, थैलेसीमिया, रिनियर फेलियर आदि शामिल हैं। हालांकि, सरकार की ओर से इन मरीजों का निशुल्क उपचार किया जाता है, लेकिन यह आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
लोगों को साधारण बीमारी के लिए मेडिकल कॉलेज आने की जरूरत नहीं रहेगी। स्वास्थ्य केंद्रों में 14 साधारण बीमारियों का उपचार होगा। मरीजों के टेस्ट कराने के लिए एक किट भी मुहैया होगी। साथ ही सरकार स्वास्थ्य केंद्रों को वेलनेस सेंटर बनाने जा रही है।- विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री हिमाचल प्रदेश