{"_id":"5af5c2424f1c1be2408b4721","slug":"131526055490-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज नाहन से फिर आईजीएमसी बुला लिए चिकित्सक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज नाहन से फिर आईजीएमसी बुला लिए चिकित्सक
Updated Fri, 11 May 2018 09:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुमित ठाकुर
शिमला। प्रदेश में खुले नए मेडिकल कॉलेजों में भेजे गए डॉक्टरों को सरकार ने फिर से आईजीएमसी बुलाना शुरू कर दिया है। मंडी और नाहन कॉलेज में एमसीआई की टीम दौरा कर चुकी है। एमसीआई के दौरे से पहले आईजीएमसी से कई चिकित्सकों को मंडी और नाहन भेज दिया गया। ताकि, दौरे के दौरान स्टाफ की कमी उजागर न हो सके। पुख्ता सूत्र बताते हैं कि दौरा होते ही अब सरकार ने भेजे गए डॉक्टरों को आईजीएमसी बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सात डॉक्टरों को सरकार ने कुछ माह पहले आईजीएमसी से नाहन मेडिकल कॉलेज भेज दिया था। अब दोबारा से प्रदेश सरकार की ओर से इन सात डॉक्टरों को वापस बुलाने की अधिसूचना जारी कर दी है। इनमें से पूर्व में मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के करीब रहे एक डॉक्टर का नाम भी शामिल है।
इसके अलावा जनरल मेडिसन के प्रोफेसर डॉ. बलबीर वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रेम मच्छान, बाल रोग विभाग के डॉ. प्रवीण भारद्वाज, डॉ. भगत राम ठाकुर, आर्थो विभाग से नामित प्रोफेसर डॉ. डीआर चंदेल और नामित एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेश सूद के अलावा रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. विजय ठाकुर को भी अस्थायी प्रभाव के साथ संबंधित विभाग शिमला में वापस भेजा गया है।
---
- कॉलेज प्राचार्य का पक्ष आना हैं बाकी
- डॉ. रविचंद शर्मा, कॉलेज प्राचार्य आईजीएमसी
---
फरवरी माह में कर भेजे नाहन और मंडी
आईजीएमसी ने नाहन और मंडी कॉलेज को चलाने के लिए फरवरी माह से डॉक्टरों को भेजा था। पहले ग्यारह उसके बाद एक और दो डॉक्टरों को भेजा गया। दूसरी ओर सेमडिकोट की ओर से आरोप लगाया जा रहा था कि डॉक्टरों के यहां से शिफ्ट करने के कारण अस्पताल का काम प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
---
कॉलेजों को मिल गई है मान्यता
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम ने कॉलेजों में मूलभूत सुविधाएं जांच ली हैं। अब आईजीएमसी से दूसरे मेडिकल कॉलेज भेजे डॉक्टरों को वापस बुलाया जा रहा है।
विज्ञापन
शिमला। प्रदेश में खुले नए मेडिकल कॉलेजों में भेजे गए डॉक्टरों को सरकार ने फिर से आईजीएमसी बुलाना शुरू कर दिया है। मंडी और नाहन कॉलेज में एमसीआई की टीम दौरा कर चुकी है। एमसीआई के दौरे से पहले आईजीएमसी से कई चिकित्सकों को मंडी और नाहन भेज दिया गया। ताकि, दौरे के दौरान स्टाफ की कमी उजागर न हो सके। पुख्ता सूत्र बताते हैं कि दौरा होते ही अब सरकार ने भेजे गए डॉक्टरों को आईजीएमसी बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सात डॉक्टरों को सरकार ने कुछ माह पहले आईजीएमसी से नाहन मेडिकल कॉलेज भेज दिया था। अब दोबारा से प्रदेश सरकार की ओर से इन सात डॉक्टरों को वापस बुलाने की अधिसूचना जारी कर दी है। इनमें से पूर्व में मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के करीब रहे एक डॉक्टर का नाम भी शामिल है।
इसके अलावा जनरल मेडिसन के प्रोफेसर डॉ. बलबीर वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रेम मच्छान, बाल रोग विभाग के डॉ. प्रवीण भारद्वाज, डॉ. भगत राम ठाकुर, आर्थो विभाग से नामित प्रोफेसर डॉ. डीआर चंदेल और नामित एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेश सूद के अलावा रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. विजय ठाकुर को भी अस्थायी प्रभाव के साथ संबंधित विभाग शिमला में वापस भेजा गया है।
विज्ञापन
---
- कॉलेज प्राचार्य का पक्ष आना हैं बाकी
- डॉ. रविचंद शर्मा, कॉलेज प्राचार्य आईजीएमसी
---
फरवरी माह में कर भेजे नाहन और मंडी
आईजीएमसी ने नाहन और मंडी कॉलेज को चलाने के लिए फरवरी माह से डॉक्टरों को भेजा था। पहले ग्यारह उसके बाद एक और दो डॉक्टरों को भेजा गया। दूसरी ओर सेमडिकोट की ओर से आरोप लगाया जा रहा था कि डॉक्टरों के यहां से शिफ्ट करने के कारण अस्पताल का काम प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
---
कॉलेजों को मिल गई है मान्यता
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की टीम ने कॉलेजों में मूलभूत सुविधाएं जांच ली हैं। अब आईजीएमसी से दूसरे मेडिकल कॉलेज भेजे डॉक्टरों को वापस बुलाया जा रहा है।