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मौसम के कहर से शिमला में फसलों को करोड़ों का नुकसान
Updated Thu, 10 May 2018 09:23 AM IST
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फसल बर्बाद
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मंगलवार को मौसम के कहर ने जिले में करोड़ों का नुकसान किया है। आधा घंटा हुई बारिश और ओलावृष्टि ने नकदी फसलों के अलावा सेब, नाशपाती सहित गुट्लीदार फलों को नुकसान पहुंचाया। एक ही दिन में साढ़े आठ करोड़ के नुकसान का आकलन ने विभाग ने तैयार किया है। इस साल अब तक मौसम से किसानों और बागवानों को कुल 32 करोड़ की चपत लग गई है।
जिले के निचले क्षेत्रों में शिमला मिर्च, गोभी, टमाटर, फ्रांसबीन और गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब, नाशपाती और गुट्लीदार फलों को भी नुकसान हुआ है। पहले ही सेब और नाशपाती के फलों की कम सेटिंग हुई थी। अब तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान बताया जा रहा है।
मंगलवार दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और जिले में बारिश और ओलावृष्टि हुई। इधर, विभाग के जिला उपनिदेशक डॉ. पीपी वर्मा ने बताया कि जिले में अब तक प्राकृतिक आपदा के चलते करीब 8 करोड़ का नुकसान हो चुका है। जिला उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुभाष ने बताया कि जिला में अब तक मौसम की मार से करीब 24 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
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शिमला। मंगलवार को मौसम के कहर ने जिले में करोड़ों का नुकसान किया है। आधा घंटा हुई बारिश और ओलावृष्टि ने नकदी फसलों के अलावा सेब, नाशपाती सहित गुट्लीदार फलों को नुकसान पहुंचाया। एक ही दिन में साढ़े आठ करोड़ के नुकसान का आकलन ने विभाग ने तैयार किया है। इस साल अब तक मौसम से किसानों और बागवानों को कुल 32 करोड़ की चपत लग गई है।
जिले के निचले क्षेत्रों में शिमला मिर्च, गोभी, टमाटर, फ्रांसबीन और गेहूं की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब, नाशपाती और गुट्लीदार फलों को भी नुकसान हुआ है। पहले ही सेब और नाशपाती के फलों की कम सेटिंग हुई थी। अब तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान बताया जा रहा है।
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मंगलवार दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और जिले में बारिश और ओलावृष्टि हुई। इधर, विभाग के जिला उपनिदेशक डॉ. पीपी वर्मा ने बताया कि जिले में अब तक प्राकृतिक आपदा के चलते करीब 8 करोड़ का नुकसान हो चुका है। जिला उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुभाष ने बताया कि जिला में अब तक मौसम की मार से करीब 24 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
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