फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   शिमला में महंगी शराब

राजधानी शिमला में जाम छलकाना हुआ महंगा, शुल्क में पांच गुणा बढ़ोतरी

Thu, 18 Jan 2018 01:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Thu, 18 Jan 2018 01:15 PM IST
विज्ञापन
शिमला में महंगी शराब

राजधानी में शराब महंगी हो जाएगी। शराब बिक्री पर लगने वाले शुल्क में पांच गुणा बढ़ोतरी होगी। नगर निगम की ओर से लगाए जाने वाले इस शुल्क में बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।

विज्ञापन


इससे शहर में शराब महंगी हो जाएगी। बुधवार को महापौर कार्यालय में हुई नगर निगम की वित्त संविदा एवं योजना समिति (एफसीपीसी) की बैठक में इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया। इसके अनुसार नगर निगम अब शहर में प्रति बोतल बिक्री पर दो की जगह दस रुपये शराब शुल्क वसूलेगा।
विज्ञापन


इस प्रस्ताव पर अब नगर निगम की मासिक बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा। साल 2012 से लेकर अब तक शराब शुल्क में इजाफा नहीं हुआ है। इसके चलते इस प्रस्ताव का विरोध होने के कम ही आसार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुल्क बढ़ने से निगम की आय 60 लाख से बढ़कर तीन करोड़ रुपये पहुंच जाएगी। मेयर कुसुम सदरेट की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिफ्ट के पास बन रही पार्किंग को भी 31 मार्च तक एक्सटेंशन दी गई है। अगले तीन माह में पार्किंग का काम पूरा करना होगा।

सदन लेगा प्रॉपर्टी टैक्स पर फैसला, मेयर बोलीं- बढ़कर रहेगा टैक्स

शिमला में महंगी शराब

शहर में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव को समिति की मंजूरी नहीं मिल पाई। समिति सदस्यों ने टैक्स को दोगुना करने के प्रस्ताव का विरोध किया। कहा कि इससे शहरवासियों पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ जाएगा। कहा कि निगम ने अभी जो प्रस्ताव तैयार किया है उसमें टैक्स में भारी बढ़ोतरी की जा रही है।

पार्षदों के विरोध के चलते प्रस्ताव पर फैसला नहीं हुआ। इस पर अंतिम फैसला अब नगर निगम की मासिक बैठक में होगा। यदि सभी पार्षद टैक्स बढ़ाने को राजी होते हैं तो इस प्रस्ताव को लागू कर दिया जाएगा।

उधर, मेयर कुसुम सदरेट का कहना है कि टैक्स दोगुना करने पर सबने विरोध किया है, लेकिन क्योंकि कई साल से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं बढ़ा है, ऐसे में हर हाल में कुछ फीसदी तक टैक्स बढ़ोतरी की जाएगी। सदन में चर्चा करेंगे कि आखिर कितना फीसदी टैक्स बढ़ा सकते हैं ताकि जनता पर ज्यादा बोझ न पड़े।

इन प्रस्तावों पर भी हुई चर्चा
जेई, एसडीओ को मोबाइल भत्ता देने को मंजूरी नहीं, सदन लेगा फैसला
99 साल बाद जमीन की लीज रिन्यू करने के प्रस्ताव पर भी फैसला नहीं
शिवनगर मैहली की पार्किंग पर भी टला फैसला, मासिक बैठक में होगी चर्चा
लक्कड़ बाजार में दुकान की लीज ट्रांसफर करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed