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मझार स्कूल के पास बिकता है नशा
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:02 PM IST
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शिमला। ठियोग क्षेत्र की मझार पंचायत में लापता व्यक्ति का चौथे दिन शव मिलने से क्षेत्र के लोगों का गुस्सा उफान पर है। मझार का शिव सिंह बीते शुक्रवार से लापता था। अचानक चार दिन बाद सोमवार को व्यक्ति का शव स्कूल के पास मिलता है। शव के एक पांव से चप्पल गायब थी। स्थानीय लोगों को शक है कि व्यक्ति की मौत क्षेत्र में फैल रहे नशे के कारोबार और जुए के कारण हुई है। लोगों का मानना है कि मौत के तार कहीं न कहीं क्षेत्र में चल रहे नशे के अवैध कारोबार और जुए से जुड़े हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में सरेआम नशा बिकता है। इस अवैध नशे के कारोबार को रोकने में आज तक पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
नशे के अवैध कारोबार, नशेड़ियों और जुआरियों के चलते बहू-बेटियों और बच्चों का रास्तों से चलना मुश्किल हो गया है।
पंचायत प्रधान राम किशन चंदेल को शव की सूचना मिली और उन्होंने ठियोग पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने शव को बरामद कर आईजीएमसी में उसका पोस्टमार्टम करवा कर उसे परिजनों को सौंप दिया। चंदेल ने कहा कि स्कूल के पास सरेआम शराब का अवैध कारोबार चलता है। नशे के बिकने से क्षेत्र का माहौल खराब है। प्रधान ने कहा कि कई बार शराब के कारोबार की शिकायत की गई लेकिन आज तक यह अवैध धंधा बंद नहीं हुआ।
क्या कहते हैं मतृक के ससुर
जिस शख्स की मौत हुई है, उसके ससुर कंवर सिंह भी वहीं कुछ दूरी पर रहते हैं। कंवर सिंह ने कहा कि उनका दामाद चार दिन से लापता था और अचानक चौथे दिन उसका शव स्कूल से कुछ दूरी पर मिलता है। उन्होेंने कहा कि शव के एक पांव से चप्पल गायब थी। उन्होंने कहा कि मझार स्कूल के पास सरेआम अवैध शराब का कारोबार होता है और आए दिन शराब के नशे और जुए में पैसों के लेनदेन के कारण आपस में लड़ाई झगड़े होते हैं। कंवर सिंह को शक है कि उनके दामाद की मौत भी इसी अवैध कारोबार और जुए के बाद लड़ाई-झगड़े के कारण हुई है।
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क्या कहता है स्कूल प्रबंधन
मझार स्कूल के प्रधानाचार्य संजय मेहता ने बताया कि स्कूल परिसर के बाहर शराब के अवैध कारोबार की सूचना उन्हें मिली थी। मेहता ने बताया कि स्कूल परिसर के बाहर का माहौल अधिकतर समय तनाव पूर्ण रहता है। उन्होंने कहा कि नशे की कारोबार की जानकारी के बाद उन्होंने स्कूल के सभी बच्चों को स्कूल टाइम में स्कूल से बाहर न जाने की सख्त हिदायत दे रखी है। यहां तक कि स्कूल के बच्चों को किसी भी प्रकार का कोई सामान दुकान से लाना है, तो उसके लिए भी स्कूल का चपरासी भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर के आसपास नशे के कारोबार चलने से बच्चों का माहौल भी खराब हो रहा है।
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नशे के अवैध कारोबार, नशेड़ियों और जुआरियों के चलते बहू-बेटियों और बच्चों का रास्तों से चलना मुश्किल हो गया है।
पंचायत प्रधान राम किशन चंदेल को शव की सूचना मिली और उन्होंने ठियोग पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने शव को बरामद कर आईजीएमसी में उसका पोस्टमार्टम करवा कर उसे परिजनों को सौंप दिया। चंदेल ने कहा कि स्कूल के पास सरेआम शराब का अवैध कारोबार चलता है। नशे के बिकने से क्षेत्र का माहौल खराब है। प्रधान ने कहा कि कई बार शराब के कारोबार की शिकायत की गई लेकिन आज तक यह अवैध धंधा बंद नहीं हुआ।
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क्या कहते हैं मतृक के ससुर
जिस शख्स की मौत हुई है, उसके ससुर कंवर सिंह भी वहीं कुछ दूरी पर रहते हैं। कंवर सिंह ने कहा कि उनका दामाद चार दिन से लापता था और अचानक चौथे दिन उसका शव स्कूल से कुछ दूरी पर मिलता है। उन्होेंने कहा कि शव के एक पांव से चप्पल गायब थी। उन्होंने कहा कि मझार स्कूल के पास सरेआम अवैध शराब का कारोबार होता है और आए दिन शराब के नशे और जुए में पैसों के लेनदेन के कारण आपस में लड़ाई झगड़े होते हैं। कंवर सिंह को शक है कि उनके दामाद की मौत भी इसी अवैध कारोबार और जुए के बाद लड़ाई-झगड़े के कारण हुई है।
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क्या कहता है स्कूल प्रबंधन
मझार स्कूल के प्रधानाचार्य संजय मेहता ने बताया कि स्कूल परिसर के बाहर शराब के अवैध कारोबार की सूचना उन्हें मिली थी। मेहता ने बताया कि स्कूल परिसर के बाहर का माहौल अधिकतर समय तनाव पूर्ण रहता है। उन्होंने कहा कि नशे की कारोबार की जानकारी के बाद उन्होंने स्कूल के सभी बच्चों को स्कूल टाइम में स्कूल से बाहर न जाने की सख्त हिदायत दे रखी है। यहां तक कि स्कूल के बच्चों को किसी भी प्रकार का कोई सामान दुकान से लाना है, तो उसके लिए भी स्कूल का चपरासी भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर के आसपास नशे के कारोबार चलने से बच्चों का माहौल भी खराब हो रहा है।