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पांच माह बाद इस दिन बहाल हो सकता है 13050 फीट ऊंचा रोहतांग दर्रा
Sat, 25 Apr 2020 11:50 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कोकसर (लाहौल-स्पीति)
अमर उजाला नेटवर्क, कोकसर (लाहौल-स्पीति)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 25 Apr 2020 11:50 AM IST
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रोहतांग दर्रे की बहाल करता बीआरओ
- फोटो : अमर उजाला
सामरिक दृष्टि और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण मनाली से लेह को जोड़ने वाला 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा पांच माह और 11 दिन बाद रविवार को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो सकता है। इससे जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के लोगों को भी राहत मिलेगी। इसके लिए आधुनिक मशीनरी के साथ बीआरओ के अधिकारी और जवान पिछले दो माह से दर्रे से बर्फ हटाने को दिन-रात एक कर रहे हैं। बीआरओ राहनीनाला में गिरे 30 से 40 फीट ऊंचे हिमखंड को भेदकर शुक्रवार को बीआरओ रोहतांग बहाली की ओर अग्रसर है।
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बीआरओ की टीम शून्य से नीचे तापमान में रातभर रोहतांग बहाली में जुटी है। कोकसर की टीम भी आगे बढ़ते हुए रोहतांग दर्र्रे के करीब है। अब संगठन को दोनों तरफ से मात्र तीन किलोमीटर दायरे से बर्फ हटानी है। शुक्रवार को रोहतांग का निरीक्षण करने पर कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने इसके लिए बीआरओ की सराहना की और कहा कि दो दिन में रोहतांग बहाल हो जाएगा। शुक्रवार को मढ़ी से चार किलोमीटर आगे बंतामोड़ के पास हिमखंड गिरने से सड़क अवरुद्ध होने से मंत्री के काफिले को कुछ देर रुकना पड़ा। बीआरओ कमांडर कर्नल उमाशंकर ने बताया कि मौसम ने साथ दिया तो रविवार को रोहतांग दर्रा बहाल कर दिया जाएगा।
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