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वनस्पति का ज्ञान हासिल कर रहे सरकारी स्कूल रामपुर के बच्चे
Updated Fri, 30 Mar 2018 10:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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बद्दी (सोलन)।
वार्षिक परीक्षाएं खत्म होने के बाद अभिभावक परेशान रहते हैं कि बच्चों से अवकाश के दौरान क्या करवाया जाए। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के बच्चों के पास यह ऑप्शन नहीं होता कि वह घर पास कुछ सीख सकें। लेकिन अगर अध्यापक चाहें तो वह बच्चों के इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं। राजकीय उच्च पाठशाला रामपुर के मुख्याध्यापक कमल किशोर शर्मा बच्चों को इन छुट्टियों के दौरान रचनात्मक कार्य करने की प्रेरणा दे रहे हैं। वार्षिक परीक्षाएं देने के बाद छठी से नौंवीं कक्षा तक के बच्चों 31 मार्च तक अवकाश हैं।
मुख्य अध्यापक कमल किशोर शर्मा ने बच्चों को इन छुट्टियों में खास तरह का प्रशिक्षण देने की ठानी। इसमें तय हुआ कि स्कूल के आसपास पड़े संसाधनों से ही बच्चों को प्रशिक्षित किया जाए। इसमें बच्चों को स्कूल के साथ लगते जंगल में विभिन्न वनस्पतियों और पेड़ पौधों की जानकारी दी जा रही है। बच्चों को बताया जा रहा है कि किस पौधे का इस्तेमाल किस लिए होता है। इसके अलावा खजूर की पत्तियों से बनने से वाली सामग्री की तकनीक भी बच्चों को बताई जा रही है। इसमें बच्चों को खजूर से बने झाड़ू और सजावटी वस्तुएं, सूखी घास की पत्तियों से ग्रीटिंग कार्ड तथा चित्रकारी करना सिखाया जा रहा है। इस मौके पर स्टाफ प्रदीप कुमार, नीलिमा, तुलसी, योगराज, शशिकांत, हिमेश, अंगिरश तथा नरेश मौजूद रहे।
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सूखी घास की पत्तियों से बनाया ताजमहल
राजकीय उच्च पाठशाला रामपुर में चल रहे इस शिविर के दौरान नौंवीं कक्षा की छात्रा आंचल रानी ने सूखी घास की पत्तियों से ताजमहल का सुंदर चित्र बनाया है। इसके अलावा सातवीं की मलिका ने गणेश का चित्र बनाया। दसवीं के गौरव ने सरस्वती मां की आकर्षक तस्वीर बनाई है। अन्य बच्चे कुर्सी के कुशन और कैरी बैग बनाना सीख रहे हैं। इसके साथ बच्चे स्कूल परिसर की क्यारियों को कर्मचारी नरेश चतुर्थ श्रेणी के साथ मिलकर संवार रहे हैं। मुख्याध्यापक ने इस समय का सही उपयोग करने पर बच्चों सराहना की और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
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