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एनजीटी के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी नागरिक सभा
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एनजीटी के फैसले के खिलाफ शिमला नागरिक सभा ने भी सड़कों पर उतरने की तैयारी कर ली है। सभा का कहना है कि एनजीटी का यह फैसला जनविरोधी है। इसमें शहर की जनता का पक्ष नहीं रखा गया है। सभा ने रविवार को एक बैठक की। इसमें इस फैसले को लेकर चर्चा की गई।
सभा अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि फैसले के खिलाफ दो दिसंबर को कालीबाड़ी हाल में अहम बैठक बुलाई जा रही है। इसमें शहर के भवन मालिक, सामाजिक संस्थाओं के लोग और निगम के प्रतिनिधियों को बुलाया जाएगा। इनके सुझाव लेने के बाद आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। कहा कि एनजीटी के फैसले से न सिर्फ उन लोगों को परेशानी हो रही है जिनके मकान अवैध हैं। बल्कि वे लोग भी प्रभावित होंगे, जिन्होंने भविष्य में मकान बनाने हैं।
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ढाई मंजिल के फैसले से नुकसान
सभा का कहना है कि ढाई मंजिला भवन बनाने की अनुमति से शहर की जनता को नुकसान होगा। वे लोग जिन्होंने बैंक से भारी लोन उठाकर जमीन खरीदी है, वे इस फैसले से प्रभावित होंगे। उनका पैसा डूब जाएगा। सभा का कहना है कि एनजीटी का फैसला नगर निगम और प्रदेश सरकार जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सीधा हस्तक्षेप है। बैठक में सभा सदस्य कपिल शर्मा, जियानंद शर्मा, किशोरी ढटवालिया, बाबू राम, चंद्रकांत वर्मा, दिनित देंटा, रमन थारटा, हरिसिंह राजटू, बिंदू जोशी, आशु भारती, चुन्नी लाल, एडवोकेट जीता नेगी, संजीव खजूरिया, अनिल नेगी, जीवन, रमाकांत मिश्रा, रीना, अशोक ठाकुर, पवन, मोहन मौजूद रहे।
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शिमला। एनजीटी के फैसले के खिलाफ शिमला नागरिक सभा ने भी सड़कों पर उतरने की तैयारी कर ली है। सभा का कहना है कि एनजीटी का यह फैसला जनविरोधी है। इसमें शहर की जनता का पक्ष नहीं रखा गया है। सभा ने रविवार को एक बैठक की। इसमें इस फैसले को लेकर चर्चा की गई।
सभा अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि फैसले के खिलाफ दो दिसंबर को कालीबाड़ी हाल में अहम बैठक बुलाई जा रही है। इसमें शहर के भवन मालिक, सामाजिक संस्थाओं के लोग और निगम के प्रतिनिधियों को बुलाया जाएगा। इनके सुझाव लेने के बाद आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। कहा कि एनजीटी के फैसले से न सिर्फ उन लोगों को परेशानी हो रही है जिनके मकान अवैध हैं। बल्कि वे लोग भी प्रभावित होंगे, जिन्होंने भविष्य में मकान बनाने हैं।
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ढाई मंजिल के फैसले से नुकसान
सभा का कहना है कि ढाई मंजिला भवन बनाने की अनुमति से शहर की जनता को नुकसान होगा। वे लोग जिन्होंने बैंक से भारी लोन उठाकर जमीन खरीदी है, वे इस फैसले से प्रभावित होंगे। उनका पैसा डूब जाएगा। सभा का कहना है कि एनजीटी का फैसला नगर निगम और प्रदेश सरकार जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सीधा हस्तक्षेप है। बैठक में सभा सदस्य कपिल शर्मा, जियानंद शर्मा, किशोरी ढटवालिया, बाबू राम, चंद्रकांत वर्मा, दिनित देंटा, रमन थारटा, हरिसिंह राजटू, बिंदू जोशी, आशु भारती, चुन्नी लाल, एडवोकेट जीता नेगी, संजीव खजूरिया, अनिल नेगी, जीवन, रमाकांत मिश्रा, रीना, अशोक ठाकुर, पवन, मोहन मौजूद रहे।
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