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पर्ची बनाने के लिए एक घंटा खड़े रहे मरीज
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:58 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सप्ताह के पहले ही दिन प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में इलाज के लिए आने वाले रोगियों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आईजीएमसी के पर्ची काउंटर नंबर एक पर सुबह के समय पर्चियां बनाने के लिए रखा कंप्यूटर सिस्टम पूरी तरह बंद हो गया। कंप्यूटर बंद होने के कारण मरीजों को पर्चियां बनाने के लिए एक घंटे का इंतजार करना पड़ा।
सूबे के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में सोमवार को इलाज के लिए आने वाले मरीज बेहद परेशान रहे। मरीजों को ओपीडी में इलाज करवाने के लिए दोपहर तक का इंतजार करना पड़ा। अस्पताल के काउंटर पर पर्ची बनाने के लिए रखा कंप्यूटर अचानक बंद हो गया। कंप्यूटर के बंद होने के कारण मरीज सिस्टम के दोबारा शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन कुछ देर बाद काउंटर पर कहा गया कि अब पर्ची नहीं बन पाएगी। कहा जा रहा था कि यूपीएस सिस्टम को चलाने के लिए लगा बैकअप खत्म हो गया था। इससे सिस्टम दोबारा चालू नहीं हो पाया। ऐसे में इलाज से पूर्व पर्ची बनाने वाले मरीज हताश नजर आए। मरीजों के परिजन रोहन, दिव्या, आकृति और सोमेश ने बताया कि उन्हें पर्ची बनाने के लिए दूसरे काउंटर की लाइन में खड़ा होना पड़ा, जिसके कारण पौने घंटे के इंतजार के बाद नंबर आया है। इसके विपरीत अस्पताल में स्थापित क्योसक मशीन भी जवाब दे गई। एक मशीन पर पर्चियां नहीं निकल पा रही थीं, जबकि दूसरी मशीन पर कनेक्शन न होने की बात कही जा रही थी। ऐसे में मरीजों के पास लंबी लाइनों में लगने के सिवा कोई चारा नहीं बचा था।
सिस्टम की बैटरी हो गई थी ड्राई
सिस्टम की बैटरी ड्राई हो गई थी, जिसके कारण यूपीएस में बैकअप नहीं बचा था। सिस्टम शुरू होने के लिए 24 घंटे का समय लेता है। ऐसे में अन्य काउंटरों पर मरीजों की पर्चियां सुचारु रूप से बनाई गईं। - डॉ. रमेश चंद
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- वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
यह था बैटरी ड्राई होने का कारण
बैटरी ड्राई होने की मुख्य वजह बीते दिनों बार-बार बिजली का गुल होना बताया जा रहा है। इसके कारण सिस्टम में बचे बैकअप से अन्य कार्य करने के लिए परेशानी हुई। लेकिन, अब दावा किया जा रहा है कि आगे यह समस्या पेश नहीं आएंगी।
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शिमला। सप्ताह के पहले ही दिन प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी में इलाज के लिए आने वाले रोगियों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आईजीएमसी के पर्ची काउंटर नंबर एक पर सुबह के समय पर्चियां बनाने के लिए रखा कंप्यूटर सिस्टम पूरी तरह बंद हो गया। कंप्यूटर बंद होने के कारण मरीजों को पर्चियां बनाने के लिए एक घंटे का इंतजार करना पड़ा।
सूबे के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में सोमवार को इलाज के लिए आने वाले मरीज बेहद परेशान रहे। मरीजों को ओपीडी में इलाज करवाने के लिए दोपहर तक का इंतजार करना पड़ा। अस्पताल के काउंटर पर पर्ची बनाने के लिए रखा कंप्यूटर अचानक बंद हो गया। कंप्यूटर के बंद होने के कारण मरीज सिस्टम के दोबारा शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन कुछ देर बाद काउंटर पर कहा गया कि अब पर्ची नहीं बन पाएगी। कहा जा रहा था कि यूपीएस सिस्टम को चलाने के लिए लगा बैकअप खत्म हो गया था। इससे सिस्टम दोबारा चालू नहीं हो पाया। ऐसे में इलाज से पूर्व पर्ची बनाने वाले मरीज हताश नजर आए। मरीजों के परिजन रोहन, दिव्या, आकृति और सोमेश ने बताया कि उन्हें पर्ची बनाने के लिए दूसरे काउंटर की लाइन में खड़ा होना पड़ा, जिसके कारण पौने घंटे के इंतजार के बाद नंबर आया है। इसके विपरीत अस्पताल में स्थापित क्योसक मशीन भी जवाब दे गई। एक मशीन पर पर्चियां नहीं निकल पा रही थीं, जबकि दूसरी मशीन पर कनेक्शन न होने की बात कही जा रही थी। ऐसे में मरीजों के पास लंबी लाइनों में लगने के सिवा कोई चारा नहीं बचा था।
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सिस्टम की बैटरी हो गई थी ड्राई
सिस्टम की बैटरी ड्राई हो गई थी, जिसके कारण यूपीएस में बैकअप नहीं बचा था। सिस्टम शुरू होने के लिए 24 घंटे का समय लेता है। ऐसे में अन्य काउंटरों पर मरीजों की पर्चियां सुचारु रूप से बनाई गईं। - डॉ. रमेश चंद
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- वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
यह था बैटरी ड्राई होने का कारण
बैटरी ड्राई होने की मुख्य वजह बीते दिनों बार-बार बिजली का गुल होना बताया जा रहा है। इसके कारण सिस्टम में बचे बैकअप से अन्य कार्य करने के लिए परेशानी हुई। लेकिन, अब दावा किया जा रहा है कि आगे यह समस्या पेश नहीं आएंगी।