मासूम का दर्द सुन हैरान रह गए चीफ जस्टिस
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शहर में आवारा कुत्तों, बंदरों, और तेंदुए के आतंक से परेशान राजधानी के कान्वेंट आफ जीजस एंड मेरी स्कूल की छात्रा ने समस्या का स्थायी समाधान करने के लिये हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर से मिलकर गुहार लगाई।
बुधवार को दोपहर बाद शाम चार बजे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से उनके कार्यालय में मिली जोशिता शर्मा ने खुलकर अपना और अपने जैसे हजारों बच्चों व शहरवासियों के दर्द को बताया।
सरकार से मांगी रिपोर्ट
जोशिता ने आवारा कुत्तों, बंदरों और तेंदुए को पकड़ने के लिए उचित कदम उठाए जाने और इसके लिये कानून में जरूरी फेरबदल लाने की मांग की। इस पर न्यायाधीश ने जोशिता को पूरा भरोसा दिया कि उनके हाथ में जो भी होगा वे करेंगे।
6वीं की छात्रा जोशिता ने अमर उजाला को बताया कि न्यायाधीश ने उसकी पूरी बात सुनी और सरकार से इस मामले से संबंधित फाइल और दस्तावेज मंगवाए हैं।
जोशिता ने बताया कि शहर के कुत्तों ने उसे दो बार काटा। उसकी साथी छात्राओं पर भी कुत्तों और बंदरों के हमले हुए है।
खुद ही पहुंची मुख्य न्यायाधीश से मिलने
उसने बीते अगस्त माह में सबसे पहले नगर निगम के मेयर संजय चौहान उसके बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात की। उसने दोनों से इस समस्या को दूर करने की मांग की।
मुख्यमंत्री और मेयर दोनों ने यह कह कर अपनी मजबूरी जताई कि कुत्तों और बंदरों को मारने की कानून इजाजत नहीं देता। इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते।
इसलिए जोशिता ने अपने स्तर पर ही मुख्य न्यायाधीश से मिलने की ठानी। जोशिता की माता बिंदु जोशी और पिता अमित कुमार शर्मा ने बताया कि जोशिता खुद ही कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तक पहुंची।