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राहत: हिमाचल में कल पहुंच जाएगी 2539 मीट्रिक टन खाद
Sat, 13 Nov 2021 10:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना/पालमपुर (कांगड़ा)
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना/पालमपुर (कांगड़ा)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 13 Nov 2021 10:09 PM IST
सार
जिला ऊना के लिए 460 मीट्रिक टन खाद इफ्को के माध्यम से तथा 70 टन खाद हिमफेड से रविवार को पहुंच रही है। इसका वितरण सोमवार से सोसायटियों के जरिए आरंभ होगा।
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सहकारी सभा मैंझा के डिपो में खाद खरीदने पहुंचे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल में चल रहे 12-32-16 खाद का संकट अब खत्म होने की उम्मीद है। रविवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 2539 मीट्रिक टन खाद की खेप सप्लाई होगी। गुजरात के कांडला में इफ्को के प्लांट से खाद होशियारपुर पहुंच चुकी है, जो रविवार को प्रदेश के लगभग सभी जिलों में पहुंच जाएगी और सोमवार से किसानों को खाद मिलना आरंभ हो जाएगी।
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जिला ऊना के लिए 460 मीट्रिक टन खाद इफ्को के माध्यम से तथा 70 टन खाद हिमफेड से रविवार को पहुंच रही है। इसका वितरण सोमवार से सोसायटियों के जरिए आरंभ होगा। कांगड़ा के लिए 480, शिमला के लिए 560, मंडी के लिए 310, सिरमौर के लिए 300, सोलन के लिए 115, कुल्लू के लिए 144, लाहौल स्पीति के लिए 30, बिलासपुर व हमीरपुर के लिए 45-45, चंबा के लिए 30 तथा किन्नौर के लिए 20 मीट्रिक टन खाद पहुंच रही है।
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जिला कृषि उपनिदेशक अतुल डोगरा ने कहा कि सूबे में अब खाद की कमी नहीं आएगी। खरीद के लिए आने वाले लोग अफरातफरी न मचाएं। स्टॉक में अब कमी नहीं आएगी। इसके अलावा यूरिया की जगह नैनो यूरिया खाद का इस्तेमाल शुरू करें, ताकि खाद में कमी जैसी स्थिति पैदा न हो।
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वहीं, कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस बार कुछ किसानों ने समय से लगभग 20 दिन पहले फसल की बिजाई कर दी। इसके बावजूद सरकार ने किसानों की जरूरतों को देखते हुए सभी प्रबंध समय रहते पूरे कर लिए। कहा कि किसानों की मांग को देखते हुए और खाद भी मंगवाई जाएगी तथा उन्हें उचित मात्रा में खाद की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।
एक लाख टन से अधिक खाद की मांग
प्रदेश के किसान हर साल एक लाख दस हजार टन तक खाद इस्तेमाल करते हैं। इसमें 70 से 75 हजार टन तक यूरिया और 25 से 30 हजार टन 12-32-16 का इस्तेमाल होता है। ऊना जिले में हर साल 4500 टन 12-32-16 और 12 हजार 500 टन यूरिया की खपत होती है।
पालमपुर में खाद के लिए मारामारी, चंद मिनटों में बिक गईं 200 बोरियां
गेहूं की बिजाई के लिए खाद न मिलने से किसानों में मारामारी मची है। किसान खाद न मिलने से सुबह से ही सहकारी समितियों के डिपुओं में आकर खाद मिलने का इंतजार कर रहे हैं। सहकारी सभा मैंझा के डिपो में शनिवार को खाद के लिए किसानों को लंबी लाइनों में लगना पड़ा। किसान खाद लेने के लिए सुबह से ही अपने नंबर का इंतजार करने लगे। करीब 200 बोरी खाद लेकर आया ट्रक चंद मिनटों में ही खाली हो गया।
हालांकि, वहां पर आए दो-तीन लोगों को छोड़ दें तो सबको खाद मिल गई, लेकिन 12-32-16 इफ्को खाद के बजाय किसानों को हिमालयन खाद से ही संतुष्टि करनी पड़ी। हालांकि, किसान इस खाद को लेकर ज्यादा खुश नहीं थे। किसान रविंद्र, सिंकदर, संतोष, संजय, अनिल, दूलो, शोभन, विनोद और उत्तम आदि का कहना है कि उन्हें खाद के लिए काफी इंतजार करना पड़ा, लेकिन फिर भी इफ्को खाद नहीं मिल रही है।