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आईजीएमसी में डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगा दी ड्यूटी
Sat, 02 Feb 2019 10:44 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 02 Feb 2019 10:44 AM IST
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आईजीएमसी और केएनएच में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने शुक्रवार को काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी दी। आईजीएमसी के आरडीए अध्यक्ष डॉ. अजय जरयाल ने बताया कि बैंक गारंटी न देने वाले डॉक्टरों का मानदेय रोक दिया है।
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इसके विरोध में आईजीएमसी के 250 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने विरोध स्वरूप अस्पताल में काले बिल्ले लगाकर सेवाएं दीं। अध्यक्ष ने कहा कि वह अस्पताल में एक सप्ताह में इसी तरह ड्यूटियां देंगे सरकार ने राहत नहीं दी तो उसके बाद हड़ताल पर चले जाएंगे। इसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार और कॉलेज प्रबंधन की होगी।
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आईजीएमसी के मेडिसन, गायनी, सर्जरी, आर्थो और इमरजेंसी में इलाज करवाने आए डॉक्टरों के बाजुओं पर काले बिल्ले देखकर हर कोई हैरान था। आरडीए के अध्यक्ष का आरोप है कि सरकार गरीबों को अस्पताल से हटाने का प्रयास कर रही है। वह नहीं चाहती है गरीब घर का कोई बच्चा पढ़कर डॉक्टर बनें। बताया कि ऑफिस से निर्देश जारी किए हैं कि डॉक्टर एक साल की बैंक गारंटी जमा करवाएं।
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अस्पताल में डॉक्टरों के काले बिल्ले लगाकर काम करने का मामला कॉलेज प्राचार्य के दरबार भी पहुंचा। इसके बाद आरडीए के डॉक्टरों को बुलाया गया। आरडीए की समस्या के बारे में भी सुना वहीं कहा कि अस्पताल संबंधी सारे मामले समय पर निपटा लिए गए हैं। बैंक गारंटी को लेकर मामला सरकार के ध्यान में है।
बैंक गारंटी मामले पर हो चुकी है बैठक : डॉ. रवि शर्मा
आईजीएमसी कॉलेज प्राचार्य प्रोफेसर रविचंद शर्मा ने कहा कि बैंक गारंटी को लेकर सेक्रेट्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की है। मामले पर जल्द कोई फैसला लिया जाएगा। प्रबंधन स्तर पर कोई भी लंबित मामला नहीं है। डॉक्टरों को अस्पताल से लेकर जो समस्या थी उसका समाधान किया जा चुका है।