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ब्लैकमेल कर जनता से अवैध वसूली कर रहे कर्मचारी
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सरकार से मोटी तनख्वाह लेने वाले नगर निगम के कई कर्मचारी आम जनता से अवैध वसूली कर रहे हैं। शहर में सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए रखे कर्मचारियों की इस अवैध वसूली का खुलासा हुआ है। विकासनगर एरिया में बंद पड़ी सीवरेज लाइनों को ठीक करने के एवज में कई लोगों से हजारों रुपये एेंठ लिए गए। अकेले सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल से दो बार अवैध वसूली की गई। पिछले महीने चार हजार और शनिवार ढाई हजार रुपये वसूले गए।
स्कूल के अनुसार शनिवार को मेन लाइन का चैंबर ब्लॉक होने से गंदा पानी विकासनगर बाजार में बहने लगा। कारोबारियों ने निगम को इसकी शिकायत की। छोटा शिमला से कर्मचारी मौके पर पहुंचे जिस जगह पर यह चैंबर ब्लॉक था उसमें सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल विकासनगर की सीवरेज लाइन भी जुड़ी है। कर्मचारियों ने स्कूल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। कर्मचारी काम के बदले चार हजार की मांग करने लगे। लेकिन बाद में 2500 रुपये पर मान गए। महज एक मिनट में ही तार डालकर लाइन बहाल कर दी।
स्कूल ने इन कर्मचारियों से रसीद मांगी तो यह टालमटोल करने लगे। फोरमैन ने कहा कि हम रसीद नहीं देते। स्कूल प्रबंधन के अधिकारी सोमवार को मेयर कुसुम सदरेट से भी मिलने पहुंचे। मेयर दफ्तर में नहीं थी। यहां कर्मचारियों को अपनी शिकायत दी।
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शहर में सीवरेज व्यवस्था पहले निगम के अधीन थी। अब यह पेयजल कंपनी के पास है। निगम की बिछाई सभी लाइनों को बहाल रखना कंपनी की जिम्मेदारी है। लोगों से तभी पैसा लिया जा सकता है जब कोई निजी लाइन ठीक करनी हो। विकासनगर ही नहीं शहर के कई अन्य इलाकों से भी सरकारी या निजी प्लॉट पर ब्लॉक हो रही मेन लाइनों को बहाल करने के एवज में पैसे वसूलने की शिकायतें आ रही हैं।
आवासीय विद्यालय छात्रावास के सचिव नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी दो बार पैसे ले चुके हैं। पहले चार और अब ढाई हजार रुपये लिए गए। हमें रसीद तक नहीं दी, जो चैंबर ब्लॉक हो रहा है, वह निगम का है। आए दिन हमसे पैसा लिया जा रहा है। मजबूरन अब मेयर से शिकायत करनी पड़ी है।
वापस करवा देंगे पैसे
यदि सीवरेज लाइनें ब्लॉक होती है तो उसे हमारे कर्मचारी बहाल करेंगे। इसके पैसे नहीं लगते। यदि किसी कर्मचारी ने पैसा लिया है तो उसे वापस करना होगा।
-कमल जोक्टा, जेई छोटा शिमला
मौके पर भेजे जाएंगे जेई
यदि निगम की मेन लाइन या चेंबर ब्लॉक होता है तो इसे निगम के कर्मचारी ही ठीक करेंगे। इसके कोई पैसे नहीं ले सकता। यदि किसी से पैसे लिए गए हैं तो जेई को जांच के लिए भेजा जाएगा।
-धर्मेंद्र गिल, एमडी एसजेपीएनएल
शिमला। सरकार से मोटी तनख्वाह लेने वाले नगर निगम के कई कर्मचारी आम जनता से अवैध वसूली कर रहे हैं। शहर में सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए रखे कर्मचारियों की इस अवैध वसूली का खुलासा हुआ है। विकासनगर एरिया में बंद पड़ी सीवरेज लाइनों को ठीक करने के एवज में कई लोगों से हजारों रुपये एेंठ लिए गए। अकेले सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल से दो बार अवैध वसूली की गई। पिछले महीने चार हजार और शनिवार ढाई हजार रुपये वसूले गए।
स्कूल के अनुसार शनिवार को मेन लाइन का चैंबर ब्लॉक होने से गंदा पानी विकासनगर बाजार में बहने लगा। कारोबारियों ने निगम को इसकी शिकायत की। छोटा शिमला से कर्मचारी मौके पर पहुंचे जिस जगह पर यह चैंबर ब्लॉक था उसमें सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल विकासनगर की सीवरेज लाइन भी जुड़ी है। कर्मचारियों ने स्कूल को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। कर्मचारी काम के बदले चार हजार की मांग करने लगे। लेकिन बाद में 2500 रुपये पर मान गए। महज एक मिनट में ही तार डालकर लाइन बहाल कर दी।
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स्कूल ने इन कर्मचारियों से रसीद मांगी तो यह टालमटोल करने लगे। फोरमैन ने कहा कि हम रसीद नहीं देते। स्कूल प्रबंधन के अधिकारी सोमवार को मेयर कुसुम सदरेट से भी मिलने पहुंचे। मेयर दफ्तर में नहीं थी। यहां कर्मचारियों को अपनी शिकायत दी।
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शहर में सीवरेज व्यवस्था पहले निगम के अधीन थी। अब यह पेयजल कंपनी के पास है। निगम की बिछाई सभी लाइनों को बहाल रखना कंपनी की जिम्मेदारी है। लोगों से तभी पैसा लिया जा सकता है जब कोई निजी लाइन ठीक करनी हो। विकासनगर ही नहीं शहर के कई अन्य इलाकों से भी सरकारी या निजी प्लॉट पर ब्लॉक हो रही मेन लाइनों को बहाल करने के एवज में पैसे वसूलने की शिकायतें आ रही हैं।
आवासीय विद्यालय छात्रावास के सचिव नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी दो बार पैसे ले चुके हैं। पहले चार और अब ढाई हजार रुपये लिए गए। हमें रसीद तक नहीं दी, जो चैंबर ब्लॉक हो रहा है, वह निगम का है। आए दिन हमसे पैसा लिया जा रहा है। मजबूरन अब मेयर से शिकायत करनी पड़ी है।
वापस करवा देंगे पैसे
यदि सीवरेज लाइनें ब्लॉक होती है तो उसे हमारे कर्मचारी बहाल करेंगे। इसके पैसे नहीं लगते। यदि किसी कर्मचारी ने पैसा लिया है तो उसे वापस करना होगा।
-कमल जोक्टा, जेई छोटा शिमला
मौके पर भेजे जाएंगे जेई
यदि निगम की मेन लाइन या चेंबर ब्लॉक होता है तो इसे निगम के कर्मचारी ही ठीक करेंगे। इसके कोई पैसे नहीं ले सकता। यदि किसी से पैसे लिए गए हैं तो जेई को जांच के लिए भेजा जाएगा।
-धर्मेंद्र गिल, एमडी एसजेपीएनएल