1134 करोड़ के बागवानी विकास प्रोजेक्ट की जांच शुरू
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विश्व बैंक की वित्तीय मदद से तीन साल पहले शुरू किए गए 1134 करोड़ के बागवानी विकास प्रोजेक्ट की जांच शुरू हो गई है। वित्तीय अनियमितताओं की आशंका की वजह से महालेखाकार कार्यालय ने बागवानी विभाग से एक साल का रिकॉर्ड तलब किया है।
महालेखाकार कार्यालय के आर्थिकी क्षेत्र नॉन पीएसयू के वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी ने बीते 16 नवंबर को बागवानी विकास प्रोजेक्ट के परियोजना निदेशक को पत्र (2018-19/1264) भेजा है।
कहा है कि विश्व उद्यान विकास परियोजना के वर्ष 2017-18 के वित्तीय लेखों का लेखा परीक्षा प्रमाणीकरण सूचना उपलब्ध कराई जाए। 9-11-2018 से इसका ऑडिट किया जाना है।
महालेखाकार कार्यालय ने ये दस्तावेज मांगे
ऐसे मामलों की भी सूची उपलब्ध की जाए, जिनकी सतर्कता विभाग या विभागीय स्तर पर जांच की जा रही हो। कोर्ट में चल रहे मुकदमों से संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत करें।
लेखा परीक्षा अवधि के दौरान गबन, आग, दुर्घटना के कारण हानि से संबंधित मामलों के दस्तावेज भी लाएं। प्रोजेक्ट के पूंजीगत निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत धनराशि, खरीद के विरुद्ध कम या खराब सामान का विवरण भी तलब किया गया है।
परियोजना अधिकारी से कहा गया है कि लेखा परीक्षा अवधि के लिए कार्यालय के बही खातों में दर्ज की गईं प्रवृष्टियों का सत्यापन करके और आंकड़ों के योग आदि की जांच करके लेखा परीक्षा के लिए तैयार रखा जाए।
बागवानों को होने हैं ये फायदे
कार्यालय से संबंधित सभी बैंक खातों और 31 मार्च तक उन खातों की धनराशि का विवरण भी दें।
विदेशों से आयात बढ़िया किस्म के सेब पौधे मिलेंगे
फसलों को बेचने के लिए मंडियां विकसित की जाएंगी
फलों के भंडारण के लिए कोल्ड स्टोर बनाए जाएंगे
बागवानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा