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उपमहापौर के वार्ड में लगे कूड़े के ढेर, गारबेज फ्री सिटी कैसे बनेगा शिमला
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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला। नगर निगम प्रशासन बुधवार को शिमला शहर को आधिकारिक तौर पर गारबेज फ्री सिटी घोषित करने जा रहा है। इसके लिए सुबह 11 बजे स्पेशल हाउस बुलाया है। निगम प्रशासन का दावा है कि गारबेज फ्री सिटी घोषित करने को लेकर शहरवासियों से आपत्तियां मांगी गई थी, लेकिन एक भी व्यक्ति ने आपत्ति दर्ज नहीं करवाई। ऐसे में शहर को गारबेज फ्री सिटी घोषित किया जा सकता है।
नगर निगम आयुक्त पंकज राय के प्रयासों से भले ही शहर के कोर एरिया में सफाई व्यवस्था सुधरी हो, लेकिन हकीकत यह भी है कि कई उपनगरों से अब भी कूड़ा नहीं उठ रहा। इनमें खुद शहर के डिप्टी मेयर राकेश शर्मा का पंथाघाटी वार्ड भी शामिल है। पंथाघाटी के निचले इलाकों शक्ति विहार, लोअर पंथाघाटी में महीनों से डोर टू डोर कचरा उठाने की व्यवस्था ठप है। विकासनगर के देवनगर, आंजी, घाटलू में पिछले आठ महीने से घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा। जंगल और नाले कचरे से भर गए हैं।
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पार्षद रचना कई बार निगम में शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन आज तक कर्मचारी नहीं मिले। नाभा, कच्चीघाटी, मज्याठ और टुटू के भी सैकड़ों घरों से कचरा नहीं उठ रहा। लोग खुद घर का कचरा उठाने को मजबूर हो रहे हैं। सड़क किनारे बिखरे कचरे में बैठे बंदर और कुत्ते लोगों पर हमले कर रहे हैं। लोग चाहते हैं कि शहर को गारबेज फ्री सिटी घोषित किया जाए लेकिन निगम साथ में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन की योजना की भी सुविधा दें।
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पार्षदों की सहमति पर लेंगे फैसला
शहर को गारबेज फ्री सिटी घोषित करने के लिए बुधवार को स्पेशल हाउस बुलाया है। पार्षदों की सहमति के बाद इस पर अंतिम फैसला लेंगे। - कुसुम सदरेट, महापौर नगर निगम शिमला