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एक वर्ष से मानदेय को तरसे जलरक्षक
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:30 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
रामपुर उपमंडल की कई पंचायताें में तैनात जलरक्षकाें को बीते एक वर्ष से मानदेय नहीं मिल रहा है। इससे जलरक्षकाें को परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। बीडीओ, पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बाद भी मानदेय की अदायगी नहीं हो रही है। जलरक्षक यूनियन ने चेताया है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांग पूरी नहीं होती तो वे इस मामले को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उठाएंगे।
रामपुर विकास खंड की तीन पंचायतें सरपारा, सराहन और रचोली में तैनात जलरक्षकों को अप्रैल 2017 से मानदेय नहीं मिला है। बीते एक वर्ष से ये जलरक्षक बिना पैसे सेवाएं दे रहे हैं, जबकि इन पंचायतों में दो-दो जलरक्षकों की तैनाती की गई है। जलरक्षक यूनियन के सचिव धर्मपाल ने जारी प्रेस बयान में कहा कि तीनों पंचायतों में अप्रैल से दिसंबर 2017 तक कुछ जलरक्षकों को ही मानदेय दिया गया, जबकि अधिकतर एक साल से बिना मानदेय के काम करने को मजबूर हो रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर यूनियन ने संबंधित पंचायत, बीडीओ, जिला पंचायत अधिकारी और निदेशक पंचायती राज विभाग को तीन माह पूर्व अवगत करवाया था। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। पंचायत और आईपीएच विभाग जलरक्षकों से काम तो फीटर का लेते हैं पर उन्हें इस एवज में मात्र 1700 रुपये ही मानदेय दिया जा रहा है। इस मानदेय का भी समय पर जलरक्षकाें को भुगतान नहीं हो पा रहा और उन्हें कई प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
रामपुर बुशहर।
रामपुर उपमंडल की कई पंचायताें में तैनात जलरक्षकाें को बीते एक वर्ष से मानदेय नहीं मिल रहा है। इससे जलरक्षकाें को परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। बीडीओ, पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बाद भी मानदेय की अदायगी नहीं हो रही है। जलरक्षक यूनियन ने चेताया है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांग पूरी नहीं होती तो वे इस मामले को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उठाएंगे।
रामपुर विकास खंड की तीन पंचायतें सरपारा, सराहन और रचोली में तैनात जलरक्षकों को अप्रैल 2017 से मानदेय नहीं मिला है। बीते एक वर्ष से ये जलरक्षक बिना पैसे सेवाएं दे रहे हैं, जबकि इन पंचायतों में दो-दो जलरक्षकों की तैनाती की गई है। जलरक्षक यूनियन के सचिव धर्मपाल ने जारी प्रेस बयान में कहा कि तीनों पंचायतों में अप्रैल से दिसंबर 2017 तक कुछ जलरक्षकों को ही मानदेय दिया गया, जबकि अधिकतर एक साल से बिना मानदेय के काम करने को मजबूर हो रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर यूनियन ने संबंधित पंचायत, बीडीओ, जिला पंचायत अधिकारी और निदेशक पंचायती राज विभाग को तीन माह पूर्व अवगत करवाया था। लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। पंचायत और आईपीएच विभाग जलरक्षकों से काम तो फीटर का लेते हैं पर उन्हें इस एवज में मात्र 1700 रुपये ही मानदेय दिया जा रहा है। इस मानदेय का भी समय पर जलरक्षकाें को भुगतान नहीं हो पा रहा और उन्हें कई प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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