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भारद्वाज के घर बधाई देने वालों का तांता
Updated Wed, 20 Dec 2017 10:34 PM IST
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शिमला। बुधवार सुबह के 11 बजकर 40 मिनट। विधानसभा के एमएलए हॉस्टल के सेट नंबर 203 में नवनिर्वाचित विधायक सुरेश भारद्वाज समर्थकों से घिरे बैठे हैं। अपने चिरपरिचित अंदाज में नीले रंग का कोट पैंट, गले में तिब्बती मूल के लोगों की ओर से उपहार में दिया गया सफेद सराफा और पैरों में बाथरूम स्लीपर पहने हुए हैं। टेबल पर मिठाई के डिब्बे पड़े हैं। बधाई देने आ रहे लोगों का मुंह मिठा करवाया जा रहा है। लाहौल स्पीति से जीते विधायक रामलाल मार्कंडेय, शहरी भाजपा अध्यक्ष प्रदीप कश्यप और पूर्व अध्यक्ष राजेश शारदा कमरे में मौजूद हैं। सुरेश भारद्वाज की बगल वाली कुर्सी पर बैठने के लिए खूब कशमकश हो रही है। खाली होते ही समर्थक कुर्सी लपकने के लिए तैयार बैठे हैं। करीब 10 मिनट बाद हाथ में मिठाई का डिब्बा लिए कुछ समर्थक बधाई देने पहुंचते हैं। बोलते हैं, ‘भारद्वाज जी, संजौली में तो सन्नाटा पसरा हुआ है ऐसा लग रहा है जैसे संडे हो। कोई चहलपहल नहीं है।’ भारद्वाज कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। भीड़ बढ़ने के बाद कमरे में पहले से बैठे कुछ लोग उठ कर जाने लगते हैं और हाथ जोड़ कर कहते हैं ‘भारद्वाज जी, बस अब तो आपको मेन सीट पर देखना है। भारद्वाज कहते हैं ‘मैं मंत्री बनूं न बनूं मार्कंडेय जी का मंत्री बनना तय है, ट्राइबल से यह इकलौते विधायक हैं।’
भारद्वाज के पास इस समय फोन नहीं है। जरूरी काम के लिए समर्थकों को ही फोन लगाने को कह रहे हैं। भारद्वाज के कहते ही चार-पांच समर्थकों ने अपने फोन निकाल लिए। बात करने के बाद भारद्वाज ने कहा, ‘मेरा फोन जरा खराब है, मरम्मत के लिए भेजा है।’ इसके बाद संगठन के किसी नेता से मिलने का कार्यक्रम बनता है। भारद्वाज कहते हैं, मेरी गाड़ी तो यहां नहीं है। तभी कार्यकर्ता अपनी गाड़ी ले जाने की पेशकश करते हुए चाबियां निकाल देते हैं। कोई भी भारद्वाज की सेवा का मौका नहीं गंवाना चाहता। शहरी भाजपा अध्यक्ष प्रदीप कश्यप तो अपने ड्राइवर को फोन भी लगा लेते हैं। करीब सवा बारह बजे डीडी न्यूज के प्रतिनिधि इंटरव्यू लेने भारद्वाज के घर पहुंच जाते हैं। इंटरव्यू खत्म होने के बाद समर्थक भारद्वाज के साथ सेल्फी लेना शुरू कर देते हैं।
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भारद्वाज के पास इस समय फोन नहीं है। जरूरी काम के लिए समर्थकों को ही फोन लगाने को कह रहे हैं। भारद्वाज के कहते ही चार-पांच समर्थकों ने अपने फोन निकाल लिए। बात करने के बाद भारद्वाज ने कहा, ‘मेरा फोन जरा खराब है, मरम्मत के लिए भेजा है।’ इसके बाद संगठन के किसी नेता से मिलने का कार्यक्रम बनता है। भारद्वाज कहते हैं, मेरी गाड़ी तो यहां नहीं है। तभी कार्यकर्ता अपनी गाड़ी ले जाने की पेशकश करते हुए चाबियां निकाल देते हैं। कोई भी भारद्वाज की सेवा का मौका नहीं गंवाना चाहता। शहरी भाजपा अध्यक्ष प्रदीप कश्यप तो अपने ड्राइवर को फोन भी लगा लेते हैं। करीब सवा बारह बजे डीडी न्यूज के प्रतिनिधि इंटरव्यू लेने भारद्वाज के घर पहुंच जाते हैं। इंटरव्यू खत्म होने के बाद समर्थक भारद्वाज के साथ सेल्फी लेना शुरू कर देते हैं।
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