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सालों से नहीं भरा प्रॉपर्टी टैक्स, आयुक्त के पास लगेगी पेशी
Updated Sun, 10 Dec 2017 09:37 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कई सालों से अपना प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वाले 28 भवन मालिकों की सोमवार से नगर निगम आयुक्त के पास पेशी लगेगी। इन्हें बताना होगा कि आखिर ये क्यों अपना टैक्स नहीं भर रहे हैं। पेशी में न पहुंचने वालों की संपत्ति अटैच की जाएगी।
सभी 28 भवन मालिकों को नगर निगम ने पहले ही नोटिस जारी कर पेशी में शामिल होने को कहा है। निगम की ओर से डिफाल्टर घोषित हो चुके इन लोगों से निगम को करीब 2.50 करोड़ रुपये वसूलना है। 15 दिसंबर तक रोजाना पांच से सात भवन मालिकों से जवाबतलबी की जाएगी। इन भवन मालिकों की सूची में सबसे चर्चित नाम विधायक बलवीर वर्मा का है जिन्हें निगम की ओर से पांच बार नोटिस जारी हो चुके हैं। वर्मा को करीब 50 लाख रुपए टैक्स चुकाना है। हालांकि, विधायक ने टैक्स सेटलमेंट को लेकर कई सवाल भी उठाए हैं। पेशी में इन आपत्तियाें पर भी चर्चा होनी है। विधायक के अलावा कइयों से लाखों रुपये के टैक्स की वसूली होनी है। निगम ने साफ कह दिया है कि यह टैक्स सेटलमेंट का आखिरी मौका है। इसके बाद भी टैक्स जमा नहीं किया तो संपत्ति अटैच कर दी जाएगी।
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टैक्स सेटलमेंट का भी मौका
सभी डिफाल्टर्स के पास टैक्स सेटलमेंट का भी मौका है। ये सीधे आयुक्त के पास अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। इनमें से कई भवन मालिक टैक्स को किस्तों में देने की मांग भी कर सकते हैं। इसके अलावा जो भी आपत्तियां आएंगी, निगम प्रशासन उनकी दोबारा से जांच भी कर सकता है। निगम को अभी करीब 1800 भवन मालिकों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलना है। कुल मिलाकर छह करोड़ टैक्स वसूला जाना शेष है।
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भवन मालिकों को होना होगा पेश
प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वाले भवन मालिकों को पेश होने को कहा गया है। इनसे पूछा जाएगा कि आखिर क्यों टैक्स नहीं दिया जा रहा।
जीसी नेगी, नगर निगम आयुक्त
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शिमला। कई सालों से अपना प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वाले 28 भवन मालिकों की सोमवार से नगर निगम आयुक्त के पास पेशी लगेगी। इन्हें बताना होगा कि आखिर ये क्यों अपना टैक्स नहीं भर रहे हैं। पेशी में न पहुंचने वालों की संपत्ति अटैच की जाएगी।
सभी 28 भवन मालिकों को नगर निगम ने पहले ही नोटिस जारी कर पेशी में शामिल होने को कहा है। निगम की ओर से डिफाल्टर घोषित हो चुके इन लोगों से निगम को करीब 2.50 करोड़ रुपये वसूलना है। 15 दिसंबर तक रोजाना पांच से सात भवन मालिकों से जवाबतलबी की जाएगी। इन भवन मालिकों की सूची में सबसे चर्चित नाम विधायक बलवीर वर्मा का है जिन्हें निगम की ओर से पांच बार नोटिस जारी हो चुके हैं। वर्मा को करीब 50 लाख रुपए टैक्स चुकाना है। हालांकि, विधायक ने टैक्स सेटलमेंट को लेकर कई सवाल भी उठाए हैं। पेशी में इन आपत्तियाें पर भी चर्चा होनी है। विधायक के अलावा कइयों से लाखों रुपये के टैक्स की वसूली होनी है। निगम ने साफ कह दिया है कि यह टैक्स सेटलमेंट का आखिरी मौका है। इसके बाद भी टैक्स जमा नहीं किया तो संपत्ति अटैच कर दी जाएगी।
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टैक्स सेटलमेंट का भी मौका
सभी डिफाल्टर्स के पास टैक्स सेटलमेंट का भी मौका है। ये सीधे आयुक्त के पास अपनी आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। इनमें से कई भवन मालिक टैक्स को किस्तों में देने की मांग भी कर सकते हैं। इसके अलावा जो भी आपत्तियां आएंगी, निगम प्रशासन उनकी दोबारा से जांच भी कर सकता है। निगम को अभी करीब 1800 भवन मालिकों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलना है। कुल मिलाकर छह करोड़ टैक्स वसूला जाना शेष है।
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भवन मालिकों को होना होगा पेश
प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने वाले भवन मालिकों को पेश होने को कहा गया है। इनसे पूछा जाएगा कि आखिर क्यों टैक्स नहीं दिया जा रहा।
जीसी नेगी, नगर निगम आयुक्त