हिमाचल की सड़कों पर अब नहीं दौड़ेंगी एचआरटीसी की ये बसें
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प्रदेश की सड़कों पर अब 10 साल पुरानी बसें नहीं दिखेंगी। परिवहन निगम ने पुरानी बसों को रोड ऑफ करके नई बसों की खरीदारी कर रहा है। यह बसें प्रदेश के ग्रामीण रूटों पर चलाई जाएंगी। यह बसें 30 सीटर से लेकर 45 सीटर की होंगी।
ग्रामीण लोगों की परेशानी को देखते हुए निगम ने नई बसों को गांव वाले रूटों पर चलाने का फैसला लिया है। हरे रंग की वाल्वों बसें पर्यटक स्थलों से दूसरे राज्यों के लिए चलाई जाएगी। निगम ने नई वाल्वो बसों के रूट फाइल कर दिए हैं।
यह बसें मनाली से दिल्ली, मनाली से देहरादून, बैजनाथ पालमपुर से चंडीगढ़, चंबा से दिल्ली, ज्वालाजी से दिल्ली और चिंतपूर्णी से दिल्ली चलेगी। इन बसों को मिलाकर निगम के बेड़े में बसों की संख्या तीन हजार के आसपास हो जाएगी।
इसलिए लिया गया ये कदम
हिमाचल में लगातार बढ़ रहे बस हादसों को रोकने के लिए भी निगम ने यह कदम उठाया है। कंडम हो चुकी बसों को रूटों पर भेजा जा रहा है। इससे हादसे हो रहे हैं और लोग जान गंवा रहे हैं। पुरानी बसों को सड़कों से हटाने और नई बसों की खरीद से हादसे भी रुकेंगे।
ढाबे में क्या डाइट, बस में चलेगा पता
हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें अब चालक तथा परिचालक की मर्जी से किसी भी ढाबे पर नहीं रुकेगी। परिवहन निगम ने ढाबों का चयन कर लिया है। उन ढाबों में खाने के रेट भी परिवहन निगम ने तय किए हैं। लंच, ब्रेकफास्ट और डीनर में खाने की सूची बसों में लगेंगी। ढाबा मालिक अगर निर्धारित रेट से ज्यादा पैसा सवारियों से बसूलता है तो कार्रवाई होगी।
हिमाचल में पुराने बसों को रोड ऑफ किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई बसें आ रही है। इसी सप्ताह बेड़े में 19 नई वाल्वों बसें जुड़ रही हैं।- जीएस बाली, परिवहन मंत्री