{"_id":"6a6cad170423d001320c2879","slug":"10-year-prison-sentence-in-case-involving-seizure-of-syrup-from-a-pickup-truck-shimla-news-c-19-sml1002-762430-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: पिकअप से सिरप बरामद करने \nके मामले में 10 साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: पिकअप से सिरप बरामद करने के मामले में 10 साल की कैद
विज्ञापन
दोषी से बरामद की थी 50 बोतल कोडिन सिरप, एक लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा
जुर्माना न देने पर होगी तीन साल की अतिरिक्त कैद
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जुब्बल क्षेत्र में दोषी की पिकअप से बरामद कोडिन सिरप की 50 बोतलों के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस प्रवीण गर्ग की अदालत ने एनडीपीएस मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी को अतिरिक्त तीन साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। हालांकि सह-आरोपी दीपक रावत को अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप साबित करने में असमर्थ रहने के कारण बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 30 नवंबर 2023 की रात करीब 11:20 बजे जुब्बल पुलिस थाना सरस्वती नगर की टीम नंदपुर कैंची के पास गश्त और वाहन चेकिंग के लिए नाके पर मौजूद थी। इसी दौरान नंदपुर कैंची की ओर से आ रही पिकअप गाड़ी के चालक जुब्बल निवासी दोषी पंकज कुमार के वाहन से 100-100 एमएल की कोडिन फॉस्फेट और क्लोरफेनिरामाइन सिरप कॉडरेक्स की 45 बोतलें तथा कोडिन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडाइन एचसीएल सिरप की पांच बोतलें बरामद हुईं थीं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि कड़ाके की ठंड और देर रात अचानक हुई जांच एवं बरामदगी के मामलों में केवल स्वतंत्र गवाह न होने से पुलिस की गवाही को झूठा नहीं माना जा सकता जब तक पुलिस गवाहों की विश्वसनीयता पर ठोस संदेह न हो। बचाव पक्ष की यह दलील भी थी कि वाहन की तलाशी से पहले पुलिस दल ने अपनी व्यक्तिगत तलाशी आरोपी को नहीं दी थी। अदालत ने कहा कि 50 बोतलों जैसी भारी मात्रा और वाहन से हुई बरामदगी के मामले में पुलिस द्वारा व्यक्तिगत तलाशी न दिया जाना पूरी कार्रवाई को खंडित नहीं करता।
विज्ञापन
जुर्माना न देने पर होगी तीन साल की अतिरिक्त कैद
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जुब्बल क्षेत्र में दोषी की पिकअप से बरामद कोडिन सिरप की 50 बोतलों के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस प्रवीण गर्ग की अदालत ने एनडीपीएस मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी को अतिरिक्त तीन साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। हालांकि सह-आरोपी दीपक रावत को अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप साबित करने में असमर्थ रहने के कारण बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 30 नवंबर 2023 की रात करीब 11:20 बजे जुब्बल पुलिस थाना सरस्वती नगर की टीम नंदपुर कैंची के पास गश्त और वाहन चेकिंग के लिए नाके पर मौजूद थी। इसी दौरान नंदपुर कैंची की ओर से आ रही पिकअप गाड़ी के चालक जुब्बल निवासी दोषी पंकज कुमार के वाहन से 100-100 एमएल की कोडिन फॉस्फेट और क्लोरफेनिरामाइन सिरप कॉडरेक्स की 45 बोतलें तथा कोडिन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडाइन एचसीएल सिरप की पांच बोतलें बरामद हुईं थीं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि कड़ाके की ठंड और देर रात अचानक हुई जांच एवं बरामदगी के मामलों में केवल स्वतंत्र गवाह न होने से पुलिस की गवाही को झूठा नहीं माना जा सकता जब तक पुलिस गवाहों की विश्वसनीयता पर ठोस संदेह न हो। बचाव पक्ष की यह दलील भी थी कि वाहन की तलाशी से पहले पुलिस दल ने अपनी व्यक्तिगत तलाशी आरोपी को नहीं दी थी। अदालत ने कहा कि 50 बोतलों जैसी भारी मात्रा और वाहन से हुई बरामदगी के मामले में पुलिस द्वारा व्यक्तिगत तलाशी न दिया जाना पूरी कार्रवाई को खंडित नहीं करता।
विज्ञापन