अंतरिम बजट: हिमाचल के 15 लाख किसानों, श्रमिकों और करदाताओं को फायदा
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मोदी सरकार के अंतरिम बजट के कई फैसलों से हिमाचल के करीब 15 लाख किसानों, बागवानों, श्रमिकों और करदाताओं के चेहरे पर मुस्कान आ गई है। छोटे और मध्यवर्गीय परिवारों को केंद्र सरकार की ओर से चुनावी साल में इन फैसलों के रूप में तोहफा मिल गया।
सरकार के फैसलों से जहां सालाना पांच लाख तक के इनकम ग्रुप में आने वाले प्रदेश के करीब पौने दो लाख करदाताओं को कर से छूट का सीधा फायदा होगा, वहीं 2 हेक्टेयर से कम जमीन वाले साढ़े आठ लाख से ज्यादा किसानों-बागवानों को भी केंद्र के बजट से फायदा मिलना तय है।
इसके अलावा साढ़े नौ लाख से ज्यादा कामगारों और श्रमिकों को भी पेंशन और अन्य फैसलों से लाभ होगा। हालांकि हिमाचल को रेल के लिहाज से मायूसी ही हाथ लगी। बजट में न तो किसी नई रेलवे लाइन की घोषणा हुई और न हिमाचल की पुरानी लाइनों के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
बजट में दिखा किसानों, युवाओं के प्रति सरकार का समर्पण : जयराम
मोदी सरकार के अंतरिम बजट को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आम जनता का बजट बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट ने यह साबित किया है कि मोदी सरकार का बजट गरीबों, युवाओं, श्रमिकों, महिलाओं और किसानों को समर्पित है। उन्होंने इस बजट के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल का आभार जताते हुए देश और प्रदेश वासियों को बधाई दी है।
अंतरिम बजट में प्रत्येक वर्ग के लिए राहत : भारद्वाज
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि अंतरिम बजट प्रत्येक वर्ग के लिए राहत ले कर आया है। किसानों और संगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए आय के स्रोत बढ़ाने का निर्णय वर्तमान सरकार का स्तुत्य निर्णय है। वर्तमान सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक सीधी नगद सहायता देकर अन्नदाता की तकलीफें कम करने का प्रयास किया है। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को पेंशन का प्रावधान कर सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। वेतनभोगी कर्मचारियों को इनकम टैक्स में बड़ी राहत देना एक संतोषजनक निर्णय है।
चुनावी बजट से लोगों को लुभाने की असफल कोशिश : वीरभद्र
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसे चुनावी बजट बताते हुए लोगों को लुभाने का असफल प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए इस बजट में कोई प्रावधान नहीं रखा है और न ही कोई योजना है। किसान-बागवानों को कोई राहत नहीं दी गई। नए रोजगार पर भी बजट खामोश ही है।
लघु उद्योग भारती नालागढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हरबंस पटियाल ने कहा कि 5 लाख के आयकर छूट से राहत मिलने से कारोबारियों को लाभ मिलेगा। इस बजट में रेलवे के लिए कुछ खास नहीं मिला है, जिससे उद्योग जगत में निराशा है। अंतरिम बजट में कुछ लाभ लघु व मध्यम उद्यम में कार्यरत कर्मचारियों व कामगारों को मिले हैं, इसका लाभ आम लोगों को अवश्य मिलेगा।