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Kota News: एसीबी ने आठ महीने बाद दोबारा तहसीलदार को रिश्वत लेते पकड़ा, रजिस्ट्री के नाम पर मांगे थे 25 हजार

Tue, 13 May 2025 11:34 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Tue, 13 May 2025 11:34 PM IST
सार

Kota News: कोटा एसीबी रेंज के उप महानिरीक्षक शिवराज मीणा ने बताया कि इस बार की कार्रवाई एक लैंड कन्वर्जन मामले से जुड़ी थी। तहसीलदार रजिस्ट्री के कागजातों पर हस्ताक्षर करने की एवज में रिश्वत मांग रहा था।

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Kota News: ACB caught Tehsildar taking bribe again after 8 months, demanded bribe in name of registry
कोटा एसीबी की बड़ी कार्रवाई - फोटो : credit

विस्तार

कोटा जिले के चेचट तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार का चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने तहसीलदार भरत कुमार यादव को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह रिश्वत एक जमीन रजिस्ट्री मामले में मांगी गई थी। तहसीलदार के साथ उसका सहयोगी चौकीदार दिनेश भी इस कार्रवाई में एसीबी के जाल में फंस गया।

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पहले बच निकला था तहसीलदार
गौरतलब है कि यह वही तहसीलदार है जो करीब आठ महीने पहले भी एसीबी के एक ट्रैप में संदिग्ध पाया गया था। नौ सितंबर को चेचट तहसील में हुई उस कार्रवाई में ई-मित्र संचालक हरीश मंडोत को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उस वक्त भी यह आरोप सामने आया था कि रिश्वत तहसीलदार भरत कुमार के लिए ली जा रही थी। हालांकि तब जांच के अभाव में भरत कुमार को क्लीन चिट मिल गई थी। लेकिन इस बार एसीबी ने पुख्ता योजना और सबूतों के साथ कार्रवाई की, जिससे वह बच नहीं पाया।
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लैंड कन्वर्जन और रजिस्ट्री से जुड़ा मामला
कोटा एसीबी रेंज के उप महानिरीक्षक शिवराज मीणा ने बताया कि इस बार की कार्रवाई एक लैंड कन्वर्जन मामले से जुड़ी थी। तहसीलदार रजिस्ट्री के कागजातों पर हस्ताक्षर करने की एवज में रिश्वत मांग रहा था। परिवादी की बहन आबिदा अपने मकान की गिफ्ट डीड उसके नाम करवाना चाहती थी, जिसके लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई थीं और रजिस्ट्री का खर्च भी चुका दिया गया था। इसके बावजूद तहसीलदार दस्तखत नहीं कर रहा था।

 
ई-मित्र संचालक की भी मिली संलिप्तता
परिवादी से यह कहा गया कि साइन करवाने की जिम्मेदारी ई-मित्र संचालक हरीश मंडोत उठाएगा और इसके लिए वह रकम तहसीलदार के नाम पर मांगेगा। एसीबी ने इस बार भी इस पूरे मामले की बारीकी से निगरानी की और ट्रैप की योजना बनाकर तहसीलदार भरत कुमार यादव को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। चौकीदार दिनेश भी इस भ्रष्टाचार की श्रृंखला में सक्रिय भूमिका में पाया गया।

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जांच में दोषियों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई
घटना के बाद से तहसील कार्यालय में हलचल मची हुई है। मौके पर अभी भी एसीबी की कार्रवाई जारी है। अधिकारी शिवराज मीणा ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर कैसे पहले मामले में तहसीलदार को क्लीन चिट दे दी गई थी, जबकि अब वही अफसर रंगे हाथों पकड़ा गया है।

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