राजस्थान: बंसल क्लासेज के संस्थापक वीके बंसल का निधन, कोटा को बनाया था 'कोचिंग सिटी'
वी के बंसल के निधन पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ट्वीट कर शोक जताया है। उन्होंने बंसल के निधन को समूचे शैक्षणिक जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है।
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राजस्थान के कोटा शहर से एक दुखद खबर सामने आई है। दरअसल, यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले जाने-माने बंसल क्लासेज के संस्थापक विनोद कुमार बंसल का सोमवार (3 मई) को निधन हो गया। बंसल 70 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस से संक्रमित थे।
वी के बंसल के निधन पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ट्वीट कर शोक जताया है। उन्होंने बंसल के निधन को समूचे शैक्षणिक जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है।
दुख और पीड़ा की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं।
— Om Birla (@ombirlakota) May 3, 2021
ॐ शांति!!!
झांसी में जन्मे बंसल ने लखनऊ में रहकर की थी पढ़ाई
वीके बंसल का जन्म झांसी में हुआ था। उन्होंने लखनऊ में पढ़ाई पूरी करने के बाद कोटा में नौकरी की शुरुआत की और फिर धीरे-धीरे कोटा को दुनियाभर में एजुकेशन सिटी के रूप में पहचान दिलाई। बंसल की मेहनत से जब कोटा को पहला आईआईटियंस और आईआईटी-जेईई का टॉपर मिला तो उसके बाद कोटा कोचिंग हब की प्रसिद्धि बढ़ती गई। और आज 25 साल बाद भी कोटा का जलवा बरकरार है।
फैक्ट्री बंद होने पर कोचिंग सेंटर चलाने लगे थे बंसल
वीके बंसल साल 1981 तक कोटा में जेके सिंथेटिक लिमिटेड नाम की कंपनी में काम करते थे, लेकिन जब फैक्टरी कुछ कारणों से बंद हो गई तब उन्होंने शहर में आठवीं क्लास के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। इसके चार साल बाद 1985 में अचानक वे तब सुर्खियों में आए जब पहली बार उनके यहां से ट्यूशन लेने वाले एक बच्चे ने आईआईटी-जेईई क्लीयर किया।
साल 1991 में हुई थी बंसल क्लासेज की शुरुआत
साल 1991 में आईआईटी की तैयारियों के लिए बंसल क्लासेज की शुरुआत हुई। इसके बाद इसी संस्थान में पढ़ाने वाली फैकल्टी ने अलग होकर अन्य कोचिंग संस्थान शुरू किए। आज कोटा में करीब आधा दर्जन से अधिक बड़े संस्थान हैं, जो बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं को क्वालीफाई करने की तैयारी कराते हैं।