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Bundi: स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन दो कोच पटरी से उतरने की सूचना, एनडीआरएफ की टीम द्वारा संयुक्त सफल मॉक
Sat, 14 Sep 2024 04:32 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2024 04:32 PM IST
सार
Kota: कोटा मंडल के बूंदी स्टेशन पर दिनांक 14 सितंबर को रेलवे में होने वाली दुर्घटनाओं के मद्देनजर रेलवे में जानमाल की क्षति की रोकथाम एवं आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे एवं राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन एजेन्सियों की संरक्षा के प्रति जागरूकता व सजगता को परखने के लिए 6वीं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल बटालियन की टीम एवं रेलवे विभाग की टीम द्वारा संयुक्त फुल स्केल मॉक ड्रील अभ्यास का आयोजन किया गया।
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बूंदी स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन के दो कोच पटरी से उतरे
विस्तार
कोटा मंडल के बूंदी स्टेशन पर दिनांक 14 सितंबर को रेलवे में होने वाली दुर्घटनाओं के मद्देनजर रेलवे में जानमाल की क्षति की रोकथाम एवं आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे एवं राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन एजेन्सियों की संरक्षा के प्रति जागरूकता व सजगता को परखने के लिए 6वीं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल बटालियन की टीम एवं रेलवे विभाग की टीम द्वारा संयुक्त फुल स्केल मॉक ड्रील अभ्यास का आयोजन किया गया।
इसके अंतर्गत काल्पनिक दुर्घटना का घटनाक्रम दर्शाया गया एवं घटना से निपटने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अपने कर्मचारियों का कौशल दक्षता जाँचने हेतु एनडीआरएफ की टीम के साथ रेलवे में होने वाली आपदाओं से किस तरह निपटा जाए इसका संयुक्त अभ्यास किया गया। इस संयुक्त अभ्यास के अंतर्गत काल्पनिक गाड़ी सं. 02945 डाउन के एक स्लीपर एवं जनरल कोच अवपथित होकर एक-दूसरे के ऊपर चढ़ना दर्शाया गया व 15 व्यक्ति चोटिल एवं 04 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिसकी सूचना बूंदी के ऑन डयूटी स्टेशन मास्टर द्वारा समय 06:50 बजे कंट्रोल ऑफिस कोटा को प्राप्त होने पर डीआरएम मनीष तिवारी सहित सभी विभागों के अधिकारी सड़क मार्ग द्वारा एवं चिकित्सा टीम के अधिकारी दुर्घटना राहत गाड़ी से घटनास्थल पर पहुंचे। साथ-साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस एवं रेलवे कर्मियों द्वारा बोगियों में फंसे घायल यात्रियों को निकालने व चिकित्सा मुहैया कराने का अभ्यास किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के पश्चात घटना को समय 08:20 बजे विनोद कुमार मीना-वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, कोटा द्वारा मॉक ड्रिल घोषित किया गया।
राज्य सरकार की बून्दी जिले के एच.आर.डी. सिंह-सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट एवं अमर सिंह राठौर- पुलिस उप अधीक्षक सहित आपातकालीन आपदा प्रबन्धन से जुड़ी एजेन्सी जैसे एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा, फायर ब्रिगेड सेवा, चिकित्सा एजेन्सी, सिविल पुलिस इत्यादि भी अभ्यास में सम्मिलित हुए। मॉक ड्रिल के इस अभ्यास में एनडीआरएफ. की टीम का नेतृत्व ई/6, अजमेर कंपनी के डिप्टी कमांडेंट योगेश कुमार मीना द्वारा किया गया।
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मॉक ड्रिल अभ्यास में रेलवे के संरक्षा विभाग, परिचालन विभाग, संकेत एवं दूर संचार विभाग, विद्युत विभाग (सामान्य), याँत्रिक विभाग, कर्षण वितरण विभाग, अभियान्त्रिकी विभाग, वाणिज्य विभाग, रेलवे सुरक्षा बल, चिकित्सा विभाग, कार्मिक विभाग एवं नागरिक सुरक्षा के स्वयं सेवकों, मंडल की सांस्कृतिक टीम, स्काउट एवं गाइड टीम इत्यादि विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया। इन आयोजन का उद्देश्य रेलवे एवं राज्य सरकार की आपदा के समय आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों की सजगता, सतर्कता एवं समय पालन को परखना एवं पाये गए दोषों एवं कमियों को सुधारना है।
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इसके अंतर्गत काल्पनिक दुर्घटना का घटनाक्रम दर्शाया गया एवं घटना से निपटने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अपने कर्मचारियों का कौशल दक्षता जाँचने हेतु एनडीआरएफ की टीम के साथ रेलवे में होने वाली आपदाओं से किस तरह निपटा जाए इसका संयुक्त अभ्यास किया गया। इस संयुक्त अभ्यास के अंतर्गत काल्पनिक गाड़ी सं. 02945 डाउन के एक स्लीपर एवं जनरल कोच अवपथित होकर एक-दूसरे के ऊपर चढ़ना दर्शाया गया व 15 व्यक्ति चोटिल एवं 04 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिसकी सूचना बूंदी के ऑन डयूटी स्टेशन मास्टर द्वारा समय 06:50 बजे कंट्रोल ऑफिस कोटा को प्राप्त होने पर डीआरएम मनीष तिवारी सहित सभी विभागों के अधिकारी सड़क मार्ग द्वारा एवं चिकित्सा टीम के अधिकारी दुर्घटना राहत गाड़ी से घटनास्थल पर पहुंचे। साथ-साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस एवं रेलवे कर्मियों द्वारा बोगियों में फंसे घायल यात्रियों को निकालने व चिकित्सा मुहैया कराने का अभ्यास किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के पश्चात घटना को समय 08:20 बजे विनोद कुमार मीना-वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी, कोटा द्वारा मॉक ड्रिल घोषित किया गया।
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राज्य सरकार की बून्दी जिले के एच.आर.डी. सिंह-सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट एवं अमर सिंह राठौर- पुलिस उप अधीक्षक सहित आपातकालीन आपदा प्रबन्धन से जुड़ी एजेन्सी जैसे एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा, फायर ब्रिगेड सेवा, चिकित्सा एजेन्सी, सिविल पुलिस इत्यादि भी अभ्यास में सम्मिलित हुए। मॉक ड्रिल के इस अभ्यास में एनडीआरएफ. की टीम का नेतृत्व ई/6, अजमेर कंपनी के डिप्टी कमांडेंट योगेश कुमार मीना द्वारा किया गया।
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मॉक ड्रिल अभ्यास में रेलवे के संरक्षा विभाग, परिचालन विभाग, संकेत एवं दूर संचार विभाग, विद्युत विभाग (सामान्य), याँत्रिक विभाग, कर्षण वितरण विभाग, अभियान्त्रिकी विभाग, वाणिज्य विभाग, रेलवे सुरक्षा बल, चिकित्सा विभाग, कार्मिक विभाग एवं नागरिक सुरक्षा के स्वयं सेवकों, मंडल की सांस्कृतिक टीम, स्काउट एवं गाइड टीम इत्यादि विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया। इन आयोजन का उद्देश्य रेलवे एवं राज्य सरकार की आपदा के समय आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों की सजगता, सतर्कता एवं समय पालन को परखना एवं पाये गए दोषों एवं कमियों को सुधारना है।