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Kota News: दुर्घटना से बची कोटा-हिसार, ट्रेन से निकला धुंआ और चिंगारी, प्वाइंट्समैन की सतर्कता से टला हादसा
Thu, 22 Aug 2024 03:10 PM IST
कोटा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2024 03:10 PM IST
सार
गुडला रेलवे स्टेशन पर कोटा-हिसार ट्रेन एक बड़े हादसे से बच गई। सूचना पर कोटा से कैरिज विभाग के कर्मचारियों को गुड़ला भेजा गया। टीम द्वारा काफी प्रयास के बाद डिब्बे की खराबी दूर हो सकी और ब्रेक रिलीज किया जा सके। इसके बाद गाड़ी आगे के लिए रवाना हुई।
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रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के गुडला रेलवे स्टेशन पर कोटा-हिसार ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। दौड़ती ट्रेन से अचानक धुंआ और चिंगारी निकलने लगी। घटना का पता चलते ही ट्रेन को गुडला में रोका गया। बाद में धुएं और चिंगारी पर काबू पाया गया। सूचना पर कोटा से कैरिज विभाग के कर्मचारियों को गुड़ला भेजा गया। टीम द्वारा काफी प्रयास के बाद डिब्बे की खराबी दूर हो सकी और ब्रेक रिलीज किया जा सके। इसके बाद गाड़ी आगे के लिए रवाना हुई।
बता दें कि कोटा से यह ट्रेन रात करीब 11:50 बजे रवाना हुई थी। ट्रेन रवाना होते ही अचानक गार्ड के डिब्बे के ब्रेक ब्लॉक जाम हो गए। इसके चलते ब्रेक ब्लॉक पहिए से चिपक गए। ऐसे में लगातार घर्षण होने से पहिए और ब्रेक ब्लॉक से तेजी से धुआं और चिंगारी निकलने लगी। घटना के समय तेजी से दौड़ती ट्रेन रात 12 बजे गुडला स्टेशन पार कर रही थी। तभी यहां गार्ड-ड्राइवर से ऑल राइट मिलाने के लिए खड़े पॉइंट्समैन राजेश कुमार की नजर अचानक गार्ड के डिब्बे से तेजी से निकलते धुंए और चिंगारी पर पड़ी। खतरा भांपकर राजेश ने वॉकी-टॉकी पर ड्राइवर को तुरंत ट्रेन रोकने को कहा। अनहोनी की आशंका से आपातकालीन ब्रेक लगाते हुए ड्राइवर ने ट्रेन को मौके पर ही खड़ा कर दिया। इसके बाद स्टेशन उपाधीक्षक रजनीश मीणा, गार्ड, ट्रेन ड्राइवर तथा एक अन्य पॉइंट्समैन ताराचंद आदि कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर डिब्बे की जांच की। इस जांच में सभी को ब्रेक ब्लॉक पहिया से चिपके नजर आए। इसके बाद कर्मचारियों द्वारा ब्रेक ब्लॉक को रिलीज करने की कोशिश की। लेकिन काफी प्रयास के बाद भी कर्मचारी इस काम में सफल नहीं हो सके। इसके बाद मामले की सूचना कोटा कंट्रोल रूम और अधिकारियों को दी गई।
2 घंटे खड़ी रही ट्रेन
इस घटना के चलते यह ट्रेन गुड़ला में करीब 2 घंटे खड़ी रही। इस दौरान रेल संचालन प्रभावित रहा। कोटा से रवाना हुई उदयपुर-निजामुद्दीन मेवाड़ एक्सप्रेस भी करीब आधे घंटे तक गुड़ला के पास खड़ी रही। बाद में कोटा-हिसार ट्रेन को वापस पीछे लेकर रास्ता साफ किया गया। इसके बाद मेवाड़ और अन्य ट्रेनों को लूप लाइन से निकला गया। ट्रेन लेट होने से यात्री परेशान होते रहे। कर्मचारी ने बताया कि गनीमत रही की बड़ी दुर्घटना टल गई। डिब्बे से धुंआ और चिंगारी बहुत अधिक मात्रा में निकल रही थी। इस डिब्बे के ब्रेक संभवत: कोटा से ही जाम थे तभी मात्र 6 किलोमीटर चलते ही से तेजी से धुंआ और चिंगारी निकलने लगी। गौरतलब है कि इस ट्रेन का रखरखाव कोटा में ही होता है। पॉइंट्समैन की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। अगर समय रहते पॉइंट्समैन की नजर इस घटना पर नहीं पड़ती तो ट्रेन में आग लग सकती थी। इससे ट्रेन गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी। अधिकारियों ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
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बता दें कि कोटा से यह ट्रेन रात करीब 11:50 बजे रवाना हुई थी। ट्रेन रवाना होते ही अचानक गार्ड के डिब्बे के ब्रेक ब्लॉक जाम हो गए। इसके चलते ब्रेक ब्लॉक पहिए से चिपक गए। ऐसे में लगातार घर्षण होने से पहिए और ब्रेक ब्लॉक से तेजी से धुआं और चिंगारी निकलने लगी। घटना के समय तेजी से दौड़ती ट्रेन रात 12 बजे गुडला स्टेशन पार कर रही थी। तभी यहां गार्ड-ड्राइवर से ऑल राइट मिलाने के लिए खड़े पॉइंट्समैन राजेश कुमार की नजर अचानक गार्ड के डिब्बे से तेजी से निकलते धुंए और चिंगारी पर पड़ी। खतरा भांपकर राजेश ने वॉकी-टॉकी पर ड्राइवर को तुरंत ट्रेन रोकने को कहा। अनहोनी की आशंका से आपातकालीन ब्रेक लगाते हुए ड्राइवर ने ट्रेन को मौके पर ही खड़ा कर दिया। इसके बाद स्टेशन उपाधीक्षक रजनीश मीणा, गार्ड, ट्रेन ड्राइवर तथा एक अन्य पॉइंट्समैन ताराचंद आदि कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर डिब्बे की जांच की। इस जांच में सभी को ब्रेक ब्लॉक पहिया से चिपके नजर आए। इसके बाद कर्मचारियों द्वारा ब्रेक ब्लॉक को रिलीज करने की कोशिश की। लेकिन काफी प्रयास के बाद भी कर्मचारी इस काम में सफल नहीं हो सके। इसके बाद मामले की सूचना कोटा कंट्रोल रूम और अधिकारियों को दी गई।
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2 घंटे खड़ी रही ट्रेन
इस घटना के चलते यह ट्रेन गुड़ला में करीब 2 घंटे खड़ी रही। इस दौरान रेल संचालन प्रभावित रहा। कोटा से रवाना हुई उदयपुर-निजामुद्दीन मेवाड़ एक्सप्रेस भी करीब आधे घंटे तक गुड़ला के पास खड़ी रही। बाद में कोटा-हिसार ट्रेन को वापस पीछे लेकर रास्ता साफ किया गया। इसके बाद मेवाड़ और अन्य ट्रेनों को लूप लाइन से निकला गया। ट्रेन लेट होने से यात्री परेशान होते रहे। कर्मचारी ने बताया कि गनीमत रही की बड़ी दुर्घटना टल गई। डिब्बे से धुंआ और चिंगारी बहुत अधिक मात्रा में निकल रही थी। इस डिब्बे के ब्रेक संभवत: कोटा से ही जाम थे तभी मात्र 6 किलोमीटर चलते ही से तेजी से धुंआ और चिंगारी निकलने लगी। गौरतलब है कि इस ट्रेन का रखरखाव कोटा में ही होता है। पॉइंट्समैन की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। अगर समय रहते पॉइंट्समैन की नजर इस घटना पर नहीं पड़ती तो ट्रेन में आग लग सकती थी। इससे ट्रेन गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी। अधिकारियों ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
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