Rajasthan: आठवीं पास वो माफिया, जिसने दो राज्यों की पुलिस की नाक में मचा रखा था दम, जानें कैसे बढ़ाया अपना खौफ
राजस्थान और मप्र पुलिस के लिए सिरदर्द बना 1.69 लाख रुपये के इनामी तस्कर सुनील रावत मीणा आखिर पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। यह कुख्यात आरोपी इतना खतरनाक था कि पुलिस के सामने आने पर गोली चलाने से भी नहीं हिचकता था।
विस्तार
राजस्थान और मध्यप्रदेश की पुलिस के लिए बीते आठ महीने से सबसे बड़ा सिरदर्द बना कुख्यात अंतरराज्यीय तस्कर सुनील रावत मीणा आखिरकार कानून के शिकंजे में आ ही गया। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक बेहद खुफिया 'ऑपरेशन नीलमणि' को अंजाम देते हुए इस 1.69 लाख रुपये के इनामी बदमाश को मध्य प्रदेश के नीमच से दबोच लिया। आरोपी पर अलग-अलग राज्यों में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे 19 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं और वह राजस्थान पुलिस की 'नारको टॉप-25' सूची में शामिल था।
महज 8वीं पास 27 वर्षीय सुनील रावत मीणा का अपराध की दुनिया में आना किसी को भी चौंका सकता है। कुछ साल पहले तक वह ईंट-भट्टों पर आम मजदूरों की तरह हाड़-तोड़ मजदूरी करता था। इसी दौरान वह कुछ मादक पदार्थ तस्करों के संपर्क में आया। शुरुआत में उसे तस्करी के वाहनों को एस्कॉर्ट करने के बदले महज कुछ सौ रुपये मिलते थे लेकिन पैसे की चमक और शातिर दिमाग के बूते उसने जल्द ही खुद का एक बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क तैयार कर लिया और देखते ही देखते वह राजस्थान-एमपी बॉर्डर का बड़ा ड्रग माफिया बन बैठा।
ये भी पढ़ें: ANTF Rajasthan: चरवाहा बना पुलिसकर्मी, बारिश बनी हथियार... ऐसे पूरा हुआ 'ऑपरेशन नीलमणि'
सुनील मीणा का नेटवर्क इतना मजबूत था कि उसे पकड़ना लगभग नामुमकिन माना जा रहा था। वह तकनीकी रूप से बेहद सतर्क था और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। इतना ही नहीं वह पुलिस टीम पर हमला करने से भी नहीं हिचकता था। पाली जिले के सांडेराव और देसूरी थाना क्षेत्रों में उसने पुलिस टीमों पर सीधे जानलेवा हमले किए थे, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थीं।
सुनील को दबोचने के लिए एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार के निर्देशन में एक विशेष रणनीति तैयार की गई। पुलिस टीम का एक जवान जान जोखिम में डालकर चरवाहा बना और लगातार 15 दिनों तक सुनील के संदिग्ध ठिकानों के आसपास रेकी करता रहा। स्थानीय खुफिया इनपुट्स और तकनीकी निगरानी की मदद से आखिरकार पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन मिल गई।
रजाई ओढ़कर ड्रम के पीछे छिपा था 'माफिया'
कार्रवाई के दिन इलाके में भारी बारिश हो रही थी। पुलिस टीम ने जब घेराबंदी की तो अंदेशा था कि सुनील जंगलों में भागा होगा लेकिन जब टीम ने एक घर में दबिश दी, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। पुलिस पर गोलियां बरसाने वाला यह कुख्यात तस्कर घर के भीतर एक ड्रम के पीछे रजाई ओढ़कर दुबका हुआ बैठा था। पकड़े जाने पर उसने अपनी पहचान छिपाने की आखिरी नाकाम कोशिश भी की लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे उसकी एक न चली।
फिलहाल सुरक्षा कारणों से आरोपी को तत्काल एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जहां जांच एजेंसियां उसके पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य सफेदपोशों को बेनकाब करने के लिए पूछताछ कर रही हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.