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Rajasthan News: भीषण गर्मी में बिजली की खपत में बड़ा उछाल, एक महीने में मांग 35% बढ़ी

Sat, 30 May 2026 02:50 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Sat, 30 May 2026 02:50 PM IST
सार

Rajasthan News: भीषण गर्मी और हीटवेव के चलते राजस्थान में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 1 मई से 27 मई के बीच बिजली खपत 35% बढ़कर 2,860 लाख यूनिट से 3,850 लाख यूनिट हो गई, जबकि पीक डिमांड 17,333 मेगावाट दर्ज की गई।

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Rajasthan Power Demand Surges 35% Amid Heatwave, Peak Load Hits Season High of 17,333 MW
बिजली - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

 राजस्थान में भीषण गर्मी और लगातार पड़ रही हीटवेव के कारण बिजली की खपत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई की शुरुआत से लेकर महीने के अंतिम सप्ताह तक बिजली की मांग में करीब 35 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 1 मई को जहां प्रदेश में बिजली की खपत 2,860 लाख यूनिट थी, वहीं 27 मई तक यह बढ़कर लगभग 3,850 लाख यूनिट पहुंच गई। यानी एक महीने से भी कम समय में बिजली खपत में करीब 990 लाख यूनिट की वृद्धि दर्ज हुई।

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गर्मी के बढ़ते असर के बीच 27 मई की रात 10:15 बजे राजस्थान ने इस सीजन की सर्वाधिक बिजली मांग दर्ज की। उस समय राज्य में बिजली का लोड 17,333 मेगावाट तक पहुंच गया। खास बात यह रही कि इतनी ऊंची मांग के बावजूद बिजली निगमों ने बिना किसी बड़े कटौती के आपूर्ति बनाए रखी। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में तापमान कई जिलों में 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर बिजली मांग पर पड़ा है।
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दिन में सरप्लस, रात में चुनौती
अधिकारियों ने बताया कि दिन के समय राजस्थान के पास मांग से अधिक बिजली उपलब्ध रही। 21 से 27 मई के बीच राज्य में कई दिनों तक 18 हजार से 21 हजार मेगावाट तक बिजली उपलब्ध रही, जबकि मांग 15 से 17 हजार मेगावाट के बीच रही। हालांकि रात में सौर ऊर्जा उत्पादन बंद होने के कारण उपलब्धता घटकर करीब 16,500 मेगावाट रह जाती है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर ऊर्जा एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदकर आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है।
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मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बना सहारा
राज्य सरकार का दावा है कि पिछले वर्षों में ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने का फायदा अब मिल रहा है। अब तक 33 केवी क्षमता के 444 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 211 अन्य पर काम जारी है। इसके अलावा 59 नए ग्रिड सब-स्टेशन शुरू किए गए हैं और 145 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। गर्मी से होने वाली ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों को रोकने के लिए ट्रांसफॉर्मर क्षमता में 13,473 एमवीए की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही 4,815 फीडरों का विभाजन और करीब 5,000 सर्किट लाइनों का विस्तार किया गया है।

शिकायतों में भी कमी
बिजली वितरण कंपनियों के अनुसार शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत होने से उपभोक्ता शिकायतों में भी कमी आई है। अप्रैल-मई 2025 की तुलना में इस वर्ष इसी अवधि में बिजली बाधित होने संबंधी शिकायतें करीब 41 हजार कम दर्ज की गई हैं। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में गर्मी का असर अभी जारी है और आने वाले दिनों में भी बिजली मांग ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। ऐसे में सभी डिस्कॉम्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे।

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