राजस्थान: अवैध खनन रोकने के लिए अब वन कर्मियों को मिलेंगे हथियार; रेंजर की मौत के बाद सीएस ने दिए निर्देश
राजस्थान में वन रेंजर की मौत और वनकर्मियों पर हमलों के बाद मुख्य सचिव ने संवेदनशील इलाकों में हथियार-वाहन उपलब्ध कराने और अवैध बजरी खनन रोकने के निर्देश दिए।
विस्तार
राजस्थान में अवैध बजरी खनन पर कार्रवाई करने वाले वन और पुलिसकर्मियों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात वनकर्मियों को समय पर हथियार और वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध खनन रोकने के लिए संबंधित विभागों को संयुक्त कार्ययोजना बनाने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने को कहा है।
मुख्य सचिव ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर गठित राज्य स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और निरीक्षण बढ़ाने तथा वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ समय पर अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
वन रेंजर की मौत के बाद सुरक्षा पर जोर
अवैध खनन से जुड़े एक मामले में वन रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की मौत के बाद वनकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में है। 21 सितंबर को प्रतापगढ़ में कथित अवैध खुदाई में लगे डंपर को रोकने की कोशिश के दौरान रेंजर को वाहन ने टक्कर मार दी और घसीटते हुए ले गया। इस घटना का मामला राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध बजरी खनन से संबंधित सुप्रीम कोर्ट की स्वत: संज्ञान कार्यवाही में भी उठा था।
इससे पहले 7 अक्तूबर को सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में कथित अवैध बजरी खनन में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से पुलिस कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह घायल हो गए थे। बताया गया कि सड़क किनारे चारा लेकर जा रहे एक बुजुर्ग दंपती के पास तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश में कांस्टेबल के पैर पर वाहन चढ़ गया। उन्हें उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया। घटना में बुजुर्ग महिला को भी चोटें आईं, जबकि वाहन चालक मौके से फरार हो गया।
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भरतपुर में वन टीम पर पथराव और फायरिंग
26 सितंबर को भरतपुर जिले के कोंडापुरा गांव के पास अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम पर कथित तौर पर पथराव और फायरिंग की गई। टीम ने कार्रवाई के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और कंप्रेसर मशीन जब्त की थी। इससे पहले अगस्त में टोंक में वनकर्मियों पर हमला हुआ था। मार्च में रणथंभौर टाइगर रिजर्व की वन चौकी पर भी हमला किया गया था। उस घटना में एक गिरफ्तार व्यक्ति को छुड़ा लिया गया और जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली भी ले जाई गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने तीन राज्यों को दिए हैं निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में अवैध बजरी खनन पर रोक लगाने के लिए राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश को निगरानी मजबूत करने, चेकपोस्ट स्थापित करने और संगठित खनन नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अग्रिम मोर्चे पर तैनात वनकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। इसके अलावा, संगठित अवैध खनन में शामिल कथित सरगनाओं और आदतन अपराधियों के खिलाफ निवारक निरोध की संभावना पर विचार करने को कहा है।
इसी पृष्ठभूमि में मुख्य सचिव ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल और फील्ड स्तर पर सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत बताई, ताकि अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
कोटा में साइबर पुलिस स्टेशन और अस्पताल का निरीक्षण
कोटा दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने साइबर पुलिस स्टेशन, न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने जल संचय जनभागीदारी अभियान की भी समीक्षा की।
साइबर पुलिस स्टेशन में उन्होंने दर्ज मामलों, जांच, गिरफ्तारियों और चार्जशीट की स्थिति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए पुलिस और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय तथा समय पर सूचनाओं का आदान-प्रदान जरूरी है। उन्होंने इस विषय को जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठकों में उठाने के निर्देश दिए।
सरकारी अस्पतालों में डिजिटलीकरण पर जोर
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मरीजों के उपचार को प्राथमिकता देते हुए सरकारी अस्पतालों में पूर्ण डिजिटलीकरण की दिशा में काम करने को कहा। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, शोध, प्रकाशन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान और नियमित निगरानी, गर्भवती महिलाओं की पर्याप्त प्रसवपूर्व जांच, रक्त की उपलब्धता, उपचार प्रोटोकॉल का पालन और बेहतर रेफरल परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नवजात गहन चिकित्सा इकाई और प्रसूति वार्ड का निरीक्षण किया तथा प्रसव के लिए भर्ती एक मरीज से बातचीत भी की।