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जयपुर अपहरण कांड का ‘मास्टरमाइंड’ दुबई से गिरफ्तार; एजीटीएफ की टीम देर रात करण आसवानी को लेकर पहुंची

Fri, 04 Sep 2026 04:53 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Fri, 04 Sep 2026 04:53 PM IST
सार

जयपुर अपहरण मामले के मास्टरमाइंड करण आसवानी को दुबई से गिरफ्तार कर AGTF जयपुर लाई। आरोपी पर अपहरण, फिरौती, मारपीट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

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Jaipur Kidnapping Case: Mastermind Karan Aswani Arrested in Dubai, Brought Back by AGTF
अपहरण का आरोपी कमल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जयपुर में पुलिस की वर्दी पहनकर व्यापारी का अपहरण करने और उसके परिवार से फिरौती मांगने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी करण आसवानी उर्फ कमल सिंधी को दुबई से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी वारदात के बाद देश छोड़कर दुबई भाग गया था। राजस्थान पुलिस की एजीटीएफ (AGTF) टीम ने इंटरपोल और यूएई की संबंधित एजेंसियों के सहयोग से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद अबू धाबी इंटरपोल की टीम ने उसे डिटेन किया। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एजीटीएफ की टीम आरोपी को लेकर गुरुवार देर रात जयपुर पहुंची। यह कार्रवाई एडीजी एटीएस, एएनटीएफ और एजीटीएफ दिनेश एमएन के निर्देशन में हुई। कार्रवाई की निगरानी डीआईजी योगेश यादव और एएसपी सिद्धांत शर्मा ने की।

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पुलिस की वर्दी पहनकर व्यापारी का अपहरण

मामला जयपुर के खोह नागोरियान थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 20 अगस्त 2025 को व्यापारी नरेन्द्र नाथ दत्ता अपने घर से वैशाली नगर जाने के लिए निकले थे। उनके साथ परिचित और चालक भी थे। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। अगले दिन परिवार के पास उनके मोबाइल से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि नरेन्द्र नाथ दत्ता का अपहरण कर लिया गया है और उन्हें छोड़ने के बदले फिरौती की रकम मांगी गई। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और अपहृत व्यापारी नरेन्द्र नाथ दत्ता तथा उनके चालक योगेश को सुरक्षित छुड़ा लिया।

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एक-एक कर पकड़े गए साथी, करण फरार रहा

जांच के दौरान पुलिस ने हर्ष गौतम, कनक गांगुली और अजय बेनीवाल उर्फ शाका को गिरफ्तार किया। पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिसकर्मी की वर्दी पहनकर लोगों का अपहरण किया और उन्हें अलग-अलग जगहों पर बंधक बनाकर रखा।

इसके बाद उनके परिवारों से फिरौती की मांग की जाती थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अपहृत लोगों की इनोवा क्रिस्टा और वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार भी बरामद की। जांच में अपहृत लोगों को आगरा और अन्य जगहों पर बंधक बनाकर रखने की जानकारी भी सामने आई। देश छोड़कर दुबई भाग गया था

जांच आगे बढ़ने पर करण आसवानी की भूमिका सामने आई। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह लगातार फरार रहा। बाद में पता चला कि वह देश छोड़कर दुबई पहुंच चुका है। पुलिस ने उसके खिलाफ न्यायालय से वारंट जारी कराया। इसके बाद आरोपी को भारत लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई।

रेड कॉर्नर नोटिस के बाद इंटरपोल से संपर्क

करण आसवानी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कराया गया। इसके बाद राजस्थान एजीटीएफ ने अबू धाबी स्थित इंटरपोल और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। तकनीकी और अन्य माध्यमों से आरोपी की लोकेशन का पता लगाया गया। यह जानकारी अबू धाबी इंटरपोल को दी गई। इसके बाद यूएई की टीम ने करण आसवानी को डिटेन कर लिया।

31 अगस्त को टीम दुबई रवाना हुई

आरोपी के डिटेन होने की जानकारी मिलने के बाद उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। 31 अगस्त को एएसपी सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीम जयपुर से रवाना हुई।टीम में डीएसपी रविंद्र प्रताप और पुलिस निरीक्षक सुनील जांगिड़ तथा राम सिंह नाथावत की टीमें भी शामिल थीं। जरूरी कानूनी और समन्वय प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम आरोपी को अपने साथ लेकर गुरुवार देर रात जयपुर पहुंची। अब आरोपी से पूछताछ कर इस पूरे मामले में उसकी भूमिका और नेटवर्क के बारे में आगे जांच की जाएगी। उसे न्यायालय के सामने पेश कर मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

2000 से शुरू हुआ आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार करण आसवानी का आपराधिक इतिहास करीब ढाई दशक पुराना है। उसके खिलाफ पहला हत्या का मामला वर्ष 2000 में मुरलीपुरा थाने में दर्ज हुआ था। इसके बाद 2003 में शिप्रापथ थाने में बलवा, मारपीट और घर में घुसकर हमला करने का मामला दर्ज हुआ।

2005 में भी शिप्रापथ थाने में मारपीट, रास्ता रोकने और चोरी से जुड़ा मामला सामने आया। वर्ष 2009 में मानसरोवर थाने में बलवा, मारपीट और घर में घुसकर हमला करने का मामला दर्ज हुआ। इसके बाद वर्ष 2023 में बिंदायका थाने में अपहरण और जबरन वसूली, खोह नागोरियान थाने में अपहरण और जबरन वसूली तथा मानसरोवर थाने में जबरन वसूली, अपहरण और मारपीट से जुड़े मामले दर्ज हुए। वर्ष 2025 में खोह नागोरियान थाने में व्यापारी के अपहरण और संगठित अपराध से जुड़ा मामला दर्ज हुआ। पुलिस के मुताबिक, इन मामलों से उसका लंबा आपराधिक रिकॉर्ड सामने आता है।

 

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