राजस्थान: मलयेशिया में नौकरी का झांसा देकर चार युवकों से 28.90 लाख की ठगी, ट्रैवल एजेंसी संचालक गिरफ्तार
राजस्थान के डूंगरपुर में विदेश में नौकरी और मोटी कमाई का सपना दिखाकर चार बेरोजगार युवकों से 28 लाख 90 हजार रुपये की ठगी करने वाले ट्रैवल एजेंसी संचालक हीरालाल पटेल को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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विदेश में अच्छी नौकरी और मोटी कमाई का सपना दिखाकर चार बेरोजगार युवकों से 28 लाख 90 हजार रुपये की ठगी करने वाले ट्रैवल एजेंसी संचालक को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी युवकों को वर्क परमिट और वर्क वीजा दिलाने का भरोसा देकर विजिट वीजा पर मलयेशिया भेज देता था। वहां हवाई अड्डे पर जांच के दौरान होटल बुकिंग और वापसी के टिकट समेत दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद मलयेशिया प्रशासन ने चारों युवकों को भारत वापस भेज दिया। ठगी का खुलासा होने के बाद आरोपी मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गया था। पुलिस ने उसके डूंगरपुर लौटने की सूचना मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कलेक्ट्रेट के पास ट्रैवल एजेंसी के दफ्तर में हुई मुलाकात
कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक रमेश चंद्र ने बताया कि घडमाला निवासी निखिल पटेल ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। निखिल करीब एक साल पहले अपने तीन साथियों के साथ कलेक्ट्रेट गया था। इसी दौरान कलेक्ट्रेट के पास स्थित 'डीआरजी एसोसिएट टूर एंड ट्रैवलर्स' नाम के कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ देखकर उसने वहां संपर्क किया। कार्यालय संचालक हीरालाल पटेल ने निखिल और उसके साथियों शिवा रावल, अनिल पटेल व दीपक व्यास को विदेश में बेहतर रोजगार और मोटी कमाई का प्रलोभन दिया। आरोपी ने चारों युवकों को विदेश भेजने के साथ अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले उसने उनसे कुल 28 लाख 90 हजार रुपये ले लिए।
वर्क परमिट का दावा कर विजिट वीजा पर भेजा मलयेशिया
आरोपी ने चारों युवकों को वर्क परमिट और नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अहमदाबाद हवाई अड्डे बुलाया। वहां उसने उन्हें मलयेशिया का वीजा, होटल बुकिंग और वापसी का टिकट दिया। इसके बाद चारों युवकों को विदेश रवाना कर दिया। युवकों को उम्मीद थी कि मलयेशिया पहुंचने पर उन्हें नौकरी मिल जाएगी, लेकिन वहां पहुंचते ही पूरा मामला उलट गया।
हवाई अड्डे पर फर्जी निकले दस्तावेज, भारत लौटाए गए युवक
मलयेशिया हवाई अड्डे पर स्थानीय अधिकारियों ने चारों युवकों के यात्रा दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान होटल बुकिंग और वापसी के टिकट फर्जी पाए गए। इसके बाद मलयेशिया प्रशासन ने चारों युवकों के पासपोर्ट पर मुहर लगाकर उन्हें अहमदाबाद वापस भेज दिया। इस तरह विदेश में नौकरी पाने की उम्मीद लेकर गए युवकों को बिना काम किए ही भारत लौटना पड़ा। भारत पहुंचने के बाद पीड़ितों ने आरोपी हीरालाल पटेल से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। इसके बाद वह फरार हो गया। पीड़ितों की शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी।
डूंगरपुर लौटने की सूचना पर पुलिस ने दबोचा
पुलिस को आरोपी हीरालाल पटेल के डूंगरपुर आने की सूचना मिली। इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों को विदेश में पक्की नौकरी और वर्क वीजा दिलाने का झूठा भरोसा देता था। हालांकि, वह वर्क वीजा के बजाय विजिट वीजा या टूरिस्ट पास पर ही लोगों को विदेश भेज देता था। विदेश पहुंचने पर फर्जी दस्तावेजों के कारण पीड़ितों को हवाई अड्डे से ही वापस लौटना पड़ता था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके ठगी करने के तरीके और इस तरह के अन्य मामलों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।