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खराब मौसम ने किरकिरा किया मनोरंजन मेले का मजा
अमर उजाला, मुक्तसर
Updated Fri, 10 Jan 2014 09:56 PM IST
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दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के चालीस मुक्तों की याद को समर्पित मेला माघी को लेकर गुरुद्वारा साहिब में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
वहीं विभिन्न सियासी दलों ने भी मेले के लिए कमर कस ली है। शहर धीरे-धीरे मेला माघी के रंग में रंगता जा रहा है।
मलोट रोड पर भी मेला माघी को लेकर चहल-पहल बढ़ने लगी है। इस रोड पर बाहर के राज्यों से आने वाले क्रॉकरी विक्रेताओं और अन्य सामान बेचने वालों ने स्टॉल लगानी शुरू कर दी हैं। शहरवासियों और दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए हर वर्ष मलोट रोड पर लगने वाला मनोरंजन मेला इस बार बरकंदी रोड पर लग रहा है।
मनोरंजन मेला बेशक 10 जनवरी को सुबह शुरू होना था, मगर पिछले कुछ दिनों से पड़ रही मौसम की मार के चलते मेला शुक्रवार को समय पर शुरू न हो सका। मेला स्थल पर बाद दोपहर तक कारीगारों द्वारा झूले, चंडोल ही फिट किए जा रहे थे तो दूसरी तरफ विभिन्न स्टॉलों वाले अपनी स्टॉलें फिट करते नजर आए। पूरे झूले फिट न हो पाने के कारण मैदान की एंट्री फीस नहीं रखी गई थी।
बाद दोपहर तक बच्चों के छोटे झूले ही चल पाए थे। मेला शुरू न होने के चलते पहले दिन मेले में पहुंचे लोगों ने बगैर एंट्री फीस और बिना कोई पैसा खर्च किए एंज्वाय किया। इस बार मेले में कोई सर्कस नहीं आया है।
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छावनी में तब्दील होने लगा शहर
मेला माघी को लेकर विभिन्न जिलों की पुलिस ने मुक्तसर पहुंचना शुरू कर दिया है। स्कूलों में विद्यार्थियों को छुट्टियां दे दी गई हैं। जहां पर पुलिस कर्मचारियों के रहने और खाने-पीने का प्रबंध किया जा रहा है। मेला माघी के चलते मकर संक्रांति वाले दिन 14 जनवरी को विभिन्न सियासी दलों की कान्फ्रेंस होती है। जहां राज्य के नेताओं के अलावा केंद्र से भी दिग्गज नेताओं के पहुंचने की संभावना रहती है।
निहंग-सिंह डालने लगे गुरुद्वारा टिब्बी साहिब के पास डेरा
मेले को लेकर निहंग-सिंह गुरुद्वारा टिब्बी साहिब के पास डेरा डालने लगे हैं। विभिन्न रास्तों से निहंग-सिंह घोड़ों पर सवार होकर शहर में प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। मकर सक्रांति के अगले दिन निहंग सिंह होला-मोहल्ला निकालकर नेजेबाजी के हैरतअंगेज करतब दिखाते हैं।
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वहीं विभिन्न सियासी दलों ने भी मेले के लिए कमर कस ली है। शहर धीरे-धीरे मेला माघी के रंग में रंगता जा रहा है।
मलोट रोड पर भी मेला माघी को लेकर चहल-पहल बढ़ने लगी है। इस रोड पर बाहर के राज्यों से आने वाले क्रॉकरी विक्रेताओं और अन्य सामान बेचने वालों ने स्टॉल लगानी शुरू कर दी हैं। शहरवासियों और दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए हर वर्ष मलोट रोड पर लगने वाला मनोरंजन मेला इस बार बरकंदी रोड पर लग रहा है।
मनोरंजन मेला बेशक 10 जनवरी को सुबह शुरू होना था, मगर पिछले कुछ दिनों से पड़ रही मौसम की मार के चलते मेला शुक्रवार को समय पर शुरू न हो सका। मेला स्थल पर बाद दोपहर तक कारीगारों द्वारा झूले, चंडोल ही फिट किए जा रहे थे तो दूसरी तरफ विभिन्न स्टॉलों वाले अपनी स्टॉलें फिट करते नजर आए। पूरे झूले फिट न हो पाने के कारण मैदान की एंट्री फीस नहीं रखी गई थी।
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बाद दोपहर तक बच्चों के छोटे झूले ही चल पाए थे। मेला शुरू न होने के चलते पहले दिन मेले में पहुंचे लोगों ने बगैर एंट्री फीस और बिना कोई पैसा खर्च किए एंज्वाय किया। इस बार मेले में कोई सर्कस नहीं आया है।
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छावनी में तब्दील होने लगा शहर
मेला माघी को लेकर विभिन्न जिलों की पुलिस ने मुक्तसर पहुंचना शुरू कर दिया है। स्कूलों में विद्यार्थियों को छुट्टियां दे दी गई हैं। जहां पर पुलिस कर्मचारियों के रहने और खाने-पीने का प्रबंध किया जा रहा है। मेला माघी के चलते मकर संक्रांति वाले दिन 14 जनवरी को विभिन्न सियासी दलों की कान्फ्रेंस होती है। जहां राज्य के नेताओं के अलावा केंद्र से भी दिग्गज नेताओं के पहुंचने की संभावना रहती है।
निहंग-सिंह डालने लगे गुरुद्वारा टिब्बी साहिब के पास डेरा
मेले को लेकर निहंग-सिंह गुरुद्वारा टिब्बी साहिब के पास डेरा डालने लगे हैं। विभिन्न रास्तों से निहंग-सिंह घोड़ों पर सवार होकर शहर में प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। मकर सक्रांति के अगले दिन निहंग सिंह होला-मोहल्ला निकालकर नेजेबाजी के हैरतअंगेज करतब दिखाते हैं।