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कबरवाला में बधाइयों का सिलसिला: गांव की बेटी कमलप्रीत से सभी को ओलंपिक में गोल्ड जीतने की उम्मीद बढ़ी
Sat, 31 Jul 2021 07:17 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, मलोट/मुक्तसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मलोट/मुक्तसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 31 Jul 2021 07:17 PM IST
सार
बीए की पढ़ाई के बाद कमलप्रीत कौर को रेलवे में जूनियर क्लर्क के तौर पर पटियाला में नौकरी मिल गई। दो वर्ष बाद उन्हें सीनियर क्लर्क बनाया गया।
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कमलप्रीत की जीत पर खुशी जताते ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
टोक्यो ओलंपिक में मुक्तसर के गांव कबरवाला निवासी कमलप्रीत कौर ने डिस्कस थ्रो में फाइनल में प्रवेश कर लिया है। इससे उनके पैतृक गांववासी गर्व महसूस कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल व पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कमलप्रीत के परिजनों को बधाई दी है। साथ ही उम्मीद जताई कि कमलप्रीत टोक्यो ओलंपिक से स्वर्ण पदक जीतकर ही लौटेगी।
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कमलप्रीत के गांव में सुबह से ही बधाई देने आने वालों का तांता लगा रहा। प्रकाश सिंह बादल ने खुद फोन कर उनके पिता को बधाई दी। बादल के ओएसडी गुरचरनब सिंह व लंबी हलके के वरिष्ठ नेता परमिंदर सिंह कोलियांवाली बादल परिवार की ओर से कमलप्रीत के निवास पर परिजनों को शुभकामनाएं देने पहुंचे और उनका मुंह मीठा कराया। कमलप्रीत के दादा गुरबख्श सिंह, पिता कुलदीप सिंह तथा माता राजिंदर कौर ने बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।
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स्कूल से खेला स्टेट लेवल
कमलप्रीत कौर का जन्म 4 मार्च 1996 को हुआ था। उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई गांव कटियांवाली के बाबा ईशर सिंह पब्लिक स्कूल से की। कमलप्रीत ने डिस्कस थ्रो जोन लेवल तथा स्टेट लेवल तक खेला। इसके बाद उन्होंने गांव बादल के दशमेश स्कूल को चुना। जहां पर 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। शिक्षिका प्रितपाल कौर तथा उनके पति प्रेमसुख ने कमलप्रीत का हौसला बढ़ाया और खेल प्रतिभा निखारने में मदद की। इसके बाद वहां पर राखी त्यागी की देखरेख में कमलप्रीत ने अपने खेल को और निखारा और पहली बार अंडर-19 में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। कमलप्रीत कौर ने पंजाब यूनिवर्सिटी ब्रांच धूरी से आगे की पढ़ाई पूरी की। जहां पर उन्होंने इंटर कॉलेज गेम्स में रिकॉर्ड बनाया।
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20 लाख रुपये की मिल चुकी है सहायता
बीए की पढ़ाई के बाद कमलप्रीत कौर को रेलवे में जूनियर क्लर्क के तौर पर पटियाला में नौकरी मिल गई। दो वर्ष बाद उन्हें सीनियर क्लर्क बनाया गया। वहां पर वह हरियाणा के शक्ति सिंह के संपर्क में आईं। उनकी मदद से कमलप्रीत ने ओलंपिक की तैयारी शुरू कर दी। बता दें कि ओलंपिक में जाने से पूर्व कमलप्रीत कौर को तैयारी के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से 10 लाख तथा खेल मंत्री राणा सिंह सोढ़ी की तरफ से 10 लाख रुपये की सहायता राशि भी मिल चुकी है।