{"_id":"633e261ea82f885a4bbef5593d7f98a9","slug":"view-the-free-status-of-the-trial-now-on-mobile","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब मोबाइल पर मुफ्त देखें मुकदमे का स्टेटस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब मोबाइल पर मुफ्त देखें मुकदमे का स्टेटस
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 25 Sep 2013 09:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आपका कोई मुकदमा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहा है, तो अब आप अपने केस का स्टेटस अपने मोबाइल फोन पर भी देख सकते हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट प्रशासन ने एंडरायड व जावा एप्स पर मुकदमों के स्टेटस उपलब्ध करा दिए हैं। मंगलवार को चीफ जस्टिस संजय किशन कौल ने सिटीजन चार्टर के लोकार्पण के साथ ही इस अत्याधुनिक सुविधा को भी लांच किया।
इसके साथ ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट एंडरायड/जावा एप्स पर उपलब्ध होने वाला देश का पहला कोर्ट बन गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इसके साथ ही अपनी वेबसाइट पर सबसे ज्यादा हिट के साथ देश की आधिकारिक वेबसाइटों में पांचवां स्थान बना लिया है।
विज्ञापन
इस मौके पर चीफ जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि न्याय के मंदिर में लोग जल्द न्याय के लिए आते हैं और हमारी जिम्मेवारी बनती है कि उन्हें जल्द न्याय दिलवाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक तकनीक का फायदा पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लाखों लोगों को मिलेगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान जस्टिस राजीव भल्ला द्वारा प्रस्तुत सिटीजन चार्टर का भी चीफ जस्टिस ने लोकार्पण किया। सिटीजन चार्टर में हाईकोर्ट में शुरू हो रही विशेष सुविधाओं पर फोकस किया गया है। इस मौके पर कंप्यूटर कमेटी के चेयरमैन जस्टिस हेमंत गुप्ता ने अत्याधुनिक केस मैनेजमेंट मॉड्यूल (ई डायरी) के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ई कमेटी ने आनलाइन डिस्पले बोर्ड मोबाइल एप्स में तैयार किया है।
मुफ्त में करें डाउनलोड
यह एंडरॉयड और जावा आधारित मोबाइल फोन पर निशुल्क डाउनलोड होगा। इस एप्स के डाउनलोड होने के बाद विभिन्न कोर्ट में चल रहे मुकदमों का स्टेटस आसानी से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की सभी जिला अदालतों को हाईकोर्ट की वेबसाइट के साथ लिंक अप किया गया है।
साथ ही, दोनों राज्यों की एजी आफिस और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों को भी वेबसाइट से सीधा जोड़ा जा रहा है। जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कहा कि इस सुविधा से जल्द न्याय में मदद मिलेगी।
सेवा शुरू होेते हीं 450 वकीलों ने इस एप्स के लिए पंजीकरण को आवेदन कर दिया है।