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ट्रस्ट ने कब्जाया शहीद भगत के इस साथी का मकान

Fri, 30 Aug 2013 08:55 PM IST
चंडीगढ़/अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 30 Aug 2013 08:55 PM IST
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The Trust had held the ancestral house of Shaheed Sukhdev

शहीद सुखदेव के पैतृक मकान को खुद उनके नाम से गठित किए गए शहीद सुखदेव थापर मेमोरियल ट्रस्ट ने कब्जा रखा था।

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पंजाब कल्चरल अफयेर्स, आर्कियोलॉजी एंड म्यूजिम विभाग ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पेश किए हलफनामे में इसका खुलासा किया है।

दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि लुधियाना के डीसी ने इस मकान को अवैध कब्जे से छुड़ाकर इसे सांस्कृतिक विभाग के अधीन किया है।

चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस एजी मसीह पर आधारित खंडपीठ ने एफिडेविट में रिकार्ड में लेकर मामले का निपटार कर दिया।

शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब के सांस्कृतिक विभाग के निदेशक नवजोत पाल सिंह रंधावा ने सरकार की तरफ से हलफनामा हाईकोर्ट में पेश किया।

हलफनामे में कहा गया है कि पंजाब सरकार इस पैतृक मकान के संरक्षण में पूरी तरह जुटी है और अन्य संरक्षित स्मारकों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के शहीदों की स्मारकों के संरक्षण के लिए 3.24 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

इनमें शहीद लाल लाजपत राय, शहीद उधम सिंह, शहीद करतार सिंह सराभा और शहीद सुखदेव के पैतृक मकान और संरक्षित स्मारक शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि शहीद सुखदेव के 70 यार्ड के पैतृक मकान के संरक्षण के लिए 81 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

सनद रहे कि इस मामले में शहीद सुखदेव थापर मेमोरियल ट्रस्ट लुधियाना ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर पंजाब सरकार के 2008 की नोटिफिकेशन को खारिज करने का आग्रह किया था।

याचिका में कहा गया कि सरकार ने गैरकानूनी रूप से सुखदेव की पैतृक मकान को संरक्षित स्मारक की श्रेणी में घोषित कर दिया है।

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