पंजाब: बरगाड़ी बेअदबी के सभी छह आरोपी चार दिन के रिमांड पर, अब 21 को होगी पेशी
इन्हीं छह आरोपियों समेत एक अन्य को पिछले साल डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा की अगुवाई वाली एसआईटी ने गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से पावन ग्रंथ चोरी करने के मामले में गिरफ्तार किया था।
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पंजाब पुलिस की एसआईटी ने बरगाड़ी बेअदबी प्रकरण में रविवार शाम फिर से कार्रवाई करते हुए डेरा सच्चा सौदा के फरीदकोट जिले से संबंधित छह अनुयायियों को गिरफ्तार कर किया था। इन आरोपियों में शामिल कोटकपूरा निवासी सुखजिंदर सिंह सन्नी कंडा, रणजीत सिंह, निशान सिंह व प्रदीप सिंह के अलावा गांव डग्गो रोमाना निवासी शक्ति सिंह व गांव सिखांवाला निवासी बलजीत सिंह को सोमवार दोपहर बाद प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया, जहां से एसआईटी के आग्रह पर अदालत ने सभी को 21 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
बता दें कि 12 अक्टूबर 2015 को गांव बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के बाहर पावन स्वरूप की बेअदबी करने की वारदात में इन सभी को आरोपी बनाया गया है। जानकारी के अनुसार 2015 में हुए बरगाड़ी बेअदबी प्रकरण में कुल तीन आपराधिक घटनाएं हुई थीं, जिसमें से 1 जून 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से पावन ग्रंथ चोरी हुए थे।
24 सितंबर 2015 को इसी गुरुद्वारा साहिब के बाहर पोस्टर लगाकर बेअदबी करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद 12 अक्टूबर 2015 को गांव बरगाड़ी के गुरुद्वारा साहिब के सामने पावन स्वरूप की बेअदबी की वारदात को अंजाम दिया गया। रविवार को एसआईटी ने डेरा सिरसा के छह अनुयायियों को बरगाड़ी में पावन स्वरूप की बेअदबी की घटना में गिरफ्तार किया है। इनको पिछले साल पावन ग्रंथ चोरी करने के आरोप में भी पकड़ा गया था, जिसमें उन्हें जमानत मिल गई थी।
सोमवार को पेशी के दौरान एसआईटी ने सभी का 7 दिन का पुलिस रिमांड दिए जाने की मांग रखी, जिस पर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद अदालत ने सभी को 21 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। मामले में बचाव पक्ष के वकील विनोद कुमार मोंगा ने दावा किया कि पंजाब पुलिस के पास बेअदबी मामले में नामजद डेरा सच्चा सौदा सिरसा के श्रद्धालुओं के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।
पिछले साल इन सभी को पावन स्वरूप चोरी करने के घटना में गिरफ्तार किया था और आरोपपत्र भी दाखिल किया था लेकिन सभी को अदालत से जमानत मिल गई थी और पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने 4 जनवरी 2021 को अपने फैसले में जांच रिपोर्ट को नकारते हुए नए सिरे से जांच के आदेश दिए थे।
सीबीआई को सौंपी गई थी जांच
मालूम हो कि बरगाड़ी बेअदबी से संबंधित तीनों घटनाओं की जांच तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार ने सीबीआई को सौंप दी थी, जिसने लंबी पड़ताल के बाद क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी। क्लोजर रिपोर्ट पर बवाल होने पर सीबीआई ने दोबारा जांच शुरू की लेकिन डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा की अगुवाई वाली एसआईटी ने पिछले साल पावन स्वरूप चोरी करने के आरोप में डेरा श्रद्धालुओं को गिरफ्तार कर लिया।
एसआईटी की समांतर जांच किए जाने पर पैदा हुए कानूनी विवाद के बाद उच्च न्यायालय ने 4 जनवरी 2021 को यह केस पंजाब पुलिस को सौंप दिया था और एसआईटी प्रमुख रणबीर सिंह खटड़ा को बदलने के भी निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार ने आईजी बॉर्डर रेंज सुरिंदरपाल सिंह परमार को एसआईटी प्रमुख बनाया जिनकी अगुवाई में दोबारा जांच शुरू की गई है।