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Emergency Movie: अभिनेत्री कंगना रनौत पर केस दर्ज करने की मांग, धामी बोले- फिल्म में सिखों को गलत दिखाया

Wed, 21 Aug 2024 10:38 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 21 Aug 2024 10:38 PM IST
सार

Emergency Movie: भाजपा सांसद व अभिनेत्री कंगना रनौत की नई फिल्म इमरजेंसी के पंजाब में रिलीज पर रोक लगाने की मांग की जा रही है। वहीं, एसजीपीसी अध्यक्ष धामी ने अभिनेत्री पर केस दर्ज करने की मांग की है।

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SGPC President Dhami demand to immediately ban Kangna Ranaut film Emergency
एसजीपीसी अध्यक्ष धामी और अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद व बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की नई फिल्म इमरजेंसी का रिलीज से पहले पंजाब में विरोध होने लगा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने ''इमरजेंसी'' फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में सिखों के चरित्र को गलत तरीके से दिखाया गया है।

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 उन्होंने कहा सिख विरोधी और पंजाब विरोधी अभिव्यक्तियों के कारण विवादों में रहने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत ने जानबूझकर सिखों को फिल्म के माध्यम से गलत चित्रित करने के इरादे से इसे बनाया है, जिसे सिख समुदाय बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कंगना रनौत पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज करने की मांग की है।
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धामी ने कहा कि यह 1984 के शहीदों के बारे में सिख विरोधी कहानी बनाकर देश का अपमान करने का घृणित कार्य है। देश 1984 की सिख विरोधी क्रूरता को कभी नहीं भूल सकता और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले को श्री अकाल तख्त साहिब ने राष्ट्रीय शहीद घोषित किया है, जबकि कंगना रनौत की फिल्म उनके चरित्र को मारने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत अक्सर जानबूझकर सिखों की भावनाओं को भड़काने वाली अभिव्यक्ति करती रही हैं, लेकिन सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है।
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धामी ने कहा कि इमरजेंसी फिल्म के जारी अंशों से साफ है कि इसमें जानबूझकर सिखों के चरित्र को आतंकवादी के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो एक गहरी साजिश का हिस्सा है। एक तरफ मानवाधिकारों की बात करने वाले सिख कार्यकर्ता भाई जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी फिल्म ''पंजाब 95'' की रिलीज को 85 कट लगाने के बाद भी मंजूरी नहीं दी गई, जबकि सिख समुदाय के बारे में गलत तथ्य पेश करने वाली इमरजेंसी फिल्म को तत्काल रिलीज किया जा रहा है, ये दोहरे मापदंड देशहित में नहीं हैं।

सिख भावनाएं आहत हुईं
धामी ने कहा कि अतीत में फिल्मों से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब सिख पात्रों और सिखों की धार्मिक घटनाओं को ठीक से प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण सिख भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से कंगना रनौत की आपातकालीन फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की और कहा कि अब से यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सिख विरोधी भावनाओं वाली कोई भी फिल्म रिलीज न हो। 


सेंसर बोर्ड में सिखों का एक प्रतिनिधि शामिल किया जाए
धामी ने केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड में सिख सदस्यों को शामिल करने की मांग की, क्योंकि सिख सदस्य की अनुपस्थिति के कारण ही एकतरफा फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी ने कई बार अपनी आम बैठक में प्रस्ताव पारित कर मांग की है कि केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड में सिखों का एक प्रतिनिधि जरूर शामिल किया जाए, लेकिन दुख की बात है कि सरकार इस पर अमल नहीं कर रही है। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह स्वाभाविक है कि इस फिल्म के रिलीज होने से सिख समुदाय में काफी गुस्सा और नाराजगी होगी।

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