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जालंधर: आखिरकार कैसे पहुंच गए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर के पास अपराधी, गुरमीत पिंकी हत्यारा तो निहंग अमन सिंह तस्करी जैसे मामलों में नामजद
Thu, 21 Oct 2021 03:08 PM IST
प्रमोद कुमार
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
Published by: प्रमोद कुमार
Updated Thu, 21 Oct 2021 03:08 PM IST
सार
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से हुई निहंग अमन सिंह और पूर्व इंस्पेक्टर गुरमीत पिंकी की मुलाकात का फोटो वायरल होने पर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। सवाल उठ रहे हैं कि आखिरकार कैसे एक केंद्रीय मंत्री के पास हत्या में जेल जा चुका गुरमीत पिंकी और आपराधिक किस्म का निहंग अमन सिंह पहुंच गए।
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यह फोटो वायरल हुई थी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कृषि कानूनों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पहले ही किसान जत्थेबंदियों से लेकर कई गर्मपंथी नेताओं के निशाने पर हैं। अब एक केंद्रीय राज्य मंत्री की कोठी पर हत्या के मामले में सजायाफ्ता पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह पिंकी व निहंग बाबा अमन सिंह से हुई तोमर की मुलाकात ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दौरान दोनों ने तोमर के साथ बैठकर खाना भी खाया। ऐसे में सवाल उठाया जा रहा है कि दोनों का केंद्रीय मंत्री की कोठी में आसानी से जाना और वहां पर डाइनिंग टेबल पर बैठकर भोजन करना किसी योजना का हिस्सा तो नहीं? इसलिए भी कि निहंग बाबा अमन सिंह पर पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें एक नशा तस्करी का है। निहंग अमन सिंह से 9 क्विंटल गांजा बरामद हुआ था।
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लखबीर हत्याकांड के पांच दिन बाद फोटो वायरल
सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर लखबीर हत्याकांड के पांच दिन बाद निहंग बाबा अमन सिंह की केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कुछ अन्य भाजपा नेताओं के साथ फोटो वायरल हुई थी। यह फोटो 5 अगस्त 2021 को केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के घर की है। इसमें निहंग बाबा अमन सिंह केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, लुधियाना के भाजपा किसान सेल के राष्ट्रीय सचिव सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल, पंजाब पुलिस से बर्खास्त किए जा चुके विवादित इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ‘पिंकी’ और कुछ अन्य लोगों के साथ नजर आ रहे हैं।
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कपूरथला जेल में बंद रह चुका अमन सिंह
हैरत की बात यह है कि पिंकी व निहंग बाबा अमन सिंह आसानी से कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी की कोठी में पहुंच गए और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ फोटो सामने आने के बाद सुर्खियों में आए निहंग बाबा अमन सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। उनके खिलाफ नशा तस्करी और मारपीट के आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई अदालतों में चल रही है। बाबा अमन सिंह कुछ समय के लिए कपूरथला की सेंट्रल जेल में बंद भी रह चुका है।
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अमन के खिलाफ रामा मंडी थाने में चार मामले दर्ज
पंजाब के बरनाला जिले में महलकलां थाने की पुलिस ने 14 जनवरी 2018 को चेकिंग के दौरान जरनैल सिंह निवासी रंगिया कोठे (बरनाला), रेशम सिंह निवासी गरचा रोड बरनाला, कुलविंदर सिंह हरजीत और बलकार सिंह से 9 क्विंटल गांजा बरामद किया था। जांच के दौरान पुलिस ने अमन सिंह उर्फ निहंग बाबा, निवासी बबनपुर, धूरी (जिला संगरूर) को भी इस केस में नामजद किया था। संगरूर की स्पेशल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है। बाबा अमन सिंह के खिलाफ जालंधर के रामा मंडी थाने में भी मारपीट के 4 आपराधिक केस दर्ज हैं।
पिंकी पर कई संगीन आरोप
मारपीट में पहला केस 30 मई 2013, दूसरा जुलाई 2017 और तीसरा केस अक्टूबर 2017 में दर्ज हुआ था। इनके अलावा एक मामले में वह कपूरथला सेंट्रल जेल में भी बंद रह चुका है। वहीं, आला पुलिस अधिकारियों के करीबी रहे पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह पिंकी पर लुधियाना में 2001 में अवतार सिंह उर्फ गोला की हत्या का आरोप लगा था। इस मामले में अक्टूबर 2006 में उसे उम्रकैद की सजा हुई तो पुलिस से निकाल दिया गया। करीब आठ साल कैद काटने के बाद अच्छे व्यवहार की बात कह सरकार ने उसे रिहा कर दिया। जबकि पिंकी पर बब्बर खालसा आतंकी संगठन के साथ जुड़े होने के भी संगीन आरोप लग चुके हैं।
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...क्या संधू साहब ही पिंकी है?
सवाल यह भी खड़ा होने लगा है कि लखबीर के परिवार वाले जिस संधू साहब की बात करते थे, कहीं वह पिंकी तो नहीं है। लखबीर सिंह के परिवार वालों का कहना था कि उसको एक संधू साहब का फोन आता था। संधू साहब का जब भी फोन आता था तो लखबीर सभी परिवार वालों को कमरे से बाहर कर अकेले बात करता था। बार-बार कहता था कि अब उसकी पहुंच ऊपर तक हो गई है। इसके बाद चर्चा होने लगी है कि संधू साहब ही गुरमीत सिंह पिंकी तो नहीं है?
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लखबीर हत्याकांड के पांच दिन बाद फोटो वायरल
सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर लखबीर हत्याकांड के पांच दिन बाद निहंग बाबा अमन सिंह की केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कुछ अन्य भाजपा नेताओं के साथ फोटो वायरल हुई थी। यह फोटो 5 अगस्त 2021 को केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के घर की है। इसमें निहंग बाबा अमन सिंह केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, लुधियाना के भाजपा किसान सेल के राष्ट्रीय सचिव सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल, पंजाब पुलिस से बर्खास्त किए जा चुके विवादित इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ‘पिंकी’ और कुछ अन्य लोगों के साथ नजर आ रहे हैं।
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कपूरथला जेल में बंद रह चुका अमन सिंह
हैरत की बात यह है कि पिंकी व निहंग बाबा अमन सिंह आसानी से कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी की कोठी में पहुंच गए और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ फोटो सामने आने के बाद सुर्खियों में आए निहंग बाबा अमन सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। उनके खिलाफ नशा तस्करी और मारपीट के आपराधिक केस दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई अदालतों में चल रही है। बाबा अमन सिंह कुछ समय के लिए कपूरथला की सेंट्रल जेल में बंद भी रह चुका है।
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अमन के खिलाफ रामा मंडी थाने में चार मामले दर्ज
पंजाब के बरनाला जिले में महलकलां थाने की पुलिस ने 14 जनवरी 2018 को चेकिंग के दौरान जरनैल सिंह निवासी रंगिया कोठे (बरनाला), रेशम सिंह निवासी गरचा रोड बरनाला, कुलविंदर सिंह हरजीत और बलकार सिंह से 9 क्विंटल गांजा बरामद किया था। जांच के दौरान पुलिस ने अमन सिंह उर्फ निहंग बाबा, निवासी बबनपुर, धूरी (जिला संगरूर) को भी इस केस में नामजद किया था। संगरूर की स्पेशल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है। बाबा अमन सिंह के खिलाफ जालंधर के रामा मंडी थाने में भी मारपीट के 4 आपराधिक केस दर्ज हैं।
पिंकी पर कई संगीन आरोप
मारपीट में पहला केस 30 मई 2013, दूसरा जुलाई 2017 और तीसरा केस अक्टूबर 2017 में दर्ज हुआ था। इनके अलावा एक मामले में वह कपूरथला सेंट्रल जेल में भी बंद रह चुका है। वहीं, आला पुलिस अधिकारियों के करीबी रहे पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह पिंकी पर लुधियाना में 2001 में अवतार सिंह उर्फ गोला की हत्या का आरोप लगा था। इस मामले में अक्टूबर 2006 में उसे उम्रकैद की सजा हुई तो पुलिस से निकाल दिया गया। करीब आठ साल कैद काटने के बाद अच्छे व्यवहार की बात कह सरकार ने उसे रिहा कर दिया। जबकि पिंकी पर बब्बर खालसा आतंकी संगठन के साथ जुड़े होने के भी संगीन आरोप लग चुके हैं।
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...क्या संधू साहब ही पिंकी है?
सवाल यह भी खड़ा होने लगा है कि लखबीर के परिवार वाले जिस संधू साहब की बात करते थे, कहीं वह पिंकी तो नहीं है। लखबीर सिंह के परिवार वालों का कहना था कि उसको एक संधू साहब का फोन आता था। संधू साहब का जब भी फोन आता था तो लखबीर सभी परिवार वालों को कमरे से बाहर कर अकेले बात करता था। बार-बार कहता था कि अब उसकी पहुंच ऊपर तक हो गई है। इसके बाद चर्चा होने लगी है कि संधू साहब ही गुरमीत सिंह पिंकी तो नहीं है?