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Patiala News: मीटर रीडरों से रिश्वत लेने वाला निजी कंपनी का सुपरवाइजर बर्खास्त

Fri, 12 Jul 2024 09:52 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2024 09:52 PM IST
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Supervisor taking bribe, dismissed
शिकायतें मिलने पर जांच के बाद पावरकाॅम ने की कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब सरकार की ओर से चलाई जा रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के तहत गिदड़वाहा में निजी मीटर रीडिंग कंपनी (एक्सप्लोर-टेक सर्विसेस निजी लिमिटेड) के सुपरवाइजर बाल कृष्ण को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सुपरवाइजर के खिलाफ मीटर रीडरों से रिश्वत मांगने के संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। इनके आधार पर की गई पड़ताल के बाद यह कार्रवाई की गई है। मुख्य इंजीनियर इंफोर्समेंट इंजीनियर इंद्रपाल सिंह ने बताया कि शिकायत की पड़ताल इंजीनियर गगनदीप सिंगला की ओर से कराई गई है। इस दौरान कंपनी के अधीन काम करते मीटर रीडरों के बयान, उनकी ओर से पेश की गई रिकार्ड आवाज और अन्य सबूतों की जांच की गई। जांच के दौरान मीटर रीडिंग कंपनी का सुपरवाइजर बाल कृष्ण रिश्वत लेने का आरोपी पाया गया, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पावरकाम की ओर से सुुपरवाइजर को कंपनी की सेवाओं से बर्खास्त कर दिया गया है।

पावरकाम के सीएमडी इंजीनियर बलदेव सिंह सरां ने कहा कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जो अपना काम ईमानदारी के साथ नहीं करेगा, उसको किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने साफ किया कि पावरकाॅम में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि सुपरवाइजरों के खिलाफ शिकायतों में तंग-परेशान करने के आरोप लगे थे। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक सुपरवाइजर की ओर से उनको पैसे देने के लिए तंग-परेशान किया जा रहा था। उन्होंने इस संबंधी सबूत भी पावरकाम के पास पेश करने समेत अपनी शिकायत भी दर्ज कराई थी। इस कड़ी के तहत अपने बयान में जोगिंदर सिंह नाम के मीटर ने खुलासा किया है कि उनकी ओर से सिस्टम में डाटा शुरू करना होता है और यह डाटा सुपरवाइजर बालकृष्ण की ओर से डाला जाता है, लेकिन सुपरवाइजर की ओर से डाटा डालने के लिए पैसे मांगे जाते थे। पैसे देने को मीटर रीडरों पर दबाव बनाया जाता था। यहां तक कि एक बिलिंग ग्रुप के लिए 1500 से 2000 रुपये की मांग की जाती है। अंत में मजबूर होकर उन्हें पैसे देने पड़ते थे। खुलासा किया कि सुपरवाइजर की ओर से मीटर रीडर रजनीश कुमार, दीपू राम, मनप्रीत सिंह, गुरशरण, लवप्रीत, सतनाम से भी पैसों की मांग की गई थी, जिन्होंने इस संबंधी ऑडियो की रिकॉर्डिंग भी पेश की है।
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