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पंजाब में बदला माैसम: मोगा में झमाझम बरसात से बढ़ी ठंडक, मोहाली में छाए बादल; किसानों के चेहरे खिले
Thu, 17 Sep 2026 08:37 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 17 Sep 2026 08:37 AM IST
सार
पंजाब में बिजली संकट के बीच बरसात से राहत की उम्मीद है। रोपड़ पावर प्लांट की दो यूनिट अभी बंद हैं जबकि तलवंडी साबो प्लांट की एक यूनिट आधी क्षमता पर चल रही है।
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मोगा में बरसात
- फोटो : संवाद
विस्तार
पंजाब में गुरुवार सुबह माैसम बदल गया। मोहाली समेत सूबे के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। ठंडी हवा से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं मोगा में सुबह तेज बारिश हुई। बिजली संकट के बीच हुई इस बारिश से किसानों को राहत मिली है।
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बढ़ी बिजली की मांग, रोपड़ की दो यूनिट बंद
पंजाब में बिजली संकट जारी है। रोपड़ पावर प्लांट की दो यूनिट अभी बंद हैं जबकि तलवंडी साबो प्लांट की एक यूनिट आधी क्षमता पर चल रही है। ऐसे में प्रदेश में आगे भी लोगों को बिजली किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। बुधवार को राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 16,679 मेगावाट दर्ज की गई। यह पिछले साल के मुकाबले 370 मेगावाट अधिक है। 2025 में इसी दिन मांग 16,309 मेगावाट रही थी।
रोपड़ प्लांट में मंगलवार को दो यूनिट बंद थीं। बुधवार सुबह तीसरी यूनिट भी बंद हो गई थी। हालांकि बाद में एक यूनिट को ठीक कर लिया गया। अब भी दो यूनिट बंद हैं। तलवंडी साबो प्लांट की 660 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट केवल 330 मेगावाट पर चल रही है। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को भी बिजली कटौती हुई।
बिजली संकट का असर उद्योग और खेती पर भी पड़ रहा है। पिछली बाधित आपूर्ति के कारण कई उद्योगों में कामकाज प्रभावित हुआ है। किसानों को धान की फसल की सिंचाई में भी परेशानी हो रही है। सितंबर में अब तक बिजली की सर्वाधिक मांग 17,405 मेगावाट दर्ज की गई है। पिछले कुछ वर्षों से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी बिजलीघरों की कई बंद यूनिटों को ठीक किया जा चुका है लेकिन रोपड़ की दो यूनिट अब भी बंद हैं।
बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि रोपड़ की दो यूनिट बंद होने के बावजूद पंजाब में बिजली की कमी नहीं है। सरकार ने बिजली की अधिकतम मांग पूरी की है।
पंजाब में बिजली संकट जारी है। रोपड़ पावर प्लांट की दो यूनिट अभी बंद हैं जबकि तलवंडी साबो प्लांट की एक यूनिट आधी क्षमता पर चल रही है। ऐसे में प्रदेश में आगे भी लोगों को बिजली किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। बुधवार को राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 16,679 मेगावाट दर्ज की गई। यह पिछले साल के मुकाबले 370 मेगावाट अधिक है। 2025 में इसी दिन मांग 16,309 मेगावाट रही थी।
रोपड़ प्लांट में मंगलवार को दो यूनिट बंद थीं। बुधवार सुबह तीसरी यूनिट भी बंद हो गई थी। हालांकि बाद में एक यूनिट को ठीक कर लिया गया। अब भी दो यूनिट बंद हैं। तलवंडी साबो प्लांट की 660 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट केवल 330 मेगावाट पर चल रही है। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को भी बिजली कटौती हुई।
बिजली संकट का असर उद्योग और खेती पर भी पड़ रहा है। पिछली बाधित आपूर्ति के कारण कई उद्योगों में कामकाज प्रभावित हुआ है। किसानों को धान की फसल की सिंचाई में भी परेशानी हो रही है। सितंबर में अब तक बिजली की सर्वाधिक मांग 17,405 मेगावाट दर्ज की गई है। पिछले कुछ वर्षों से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी बिजलीघरों की कई बंद यूनिटों को ठीक किया जा चुका है लेकिन रोपड़ की दो यूनिट अब भी बंद हैं।
बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि रोपड़ की दो यूनिट बंद होने के बावजूद पंजाब में बिजली की कमी नहीं है। सरकार ने बिजली की अधिकतम मांग पूरी की है।