{"_id":"641351496d2aac37b521a826fa99f116","slug":"sant-rampal-cbi-registered-cases-to-be-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘संत रामपाल पर दर्ज केसों की सीबीआई जांच हो’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘संत रामपाल पर दर्ज केसों की सीबीआई जांच हो’
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 13 Jul 2015 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सतलोक आश्रम बरवाला हिसार वाले संत रामपाल दास के अनुयायिओं ने सोमवार को शहर में शांति रोष मार्च निकाला। इस दौरान आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने संत रामपाल व उनके अनुयायिओं पर झूठे केस दर्ज कर उन्हें जेल में डाल रखा है।
अनुयायियों ने डीसी के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर संत रामपाल के खिलाफ दर्ज सभी केसों की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
यह शांति रोष मार्च बड़ी बारादरी से शुरू होकर काली माता मंदिर, बस स्टैंड के नजदीक फ्लाईओवर, गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब से डीसी दफ्तर तक निकाला गया। अनुयायिओं ने कहा कि संत रामपाल ने ऐसा क्या किया है, जिस कारण उन्हें जेल में डाला गया है।
विज्ञापन
संत ने तो एक ऐसे निर्मल समाज की स्थापना करने की कोशिश की, जिसमें कोई शराब नहीं पीता, कोई जुआ नहीं खेलता, कोई रिश्वत नहीं लेता, दहेज नहीं लेता और भ्रूण हत्या नहीं करता है। उन्हीं संत और उनके अनुयायिओं के खिलाफ बरवाला कांड-2014 और करोंथा कांड-2006 में झूठे केस दर्जकर जेल में डाल रखा है।
हम उनके अनुयायिओं के तौर पर प्रत्येक केस की सीबीआई जांच की मांग करते हैं, ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके। आंदोलनकारी अनुयायिओं ने दावा कि संत निर्दोष हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है।
विज्ञापन
अनुयायियों ने डीसी के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर संत रामपाल के खिलाफ दर्ज सभी केसों की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
विज्ञापन
यह शांति रोष मार्च बड़ी बारादरी से शुरू होकर काली माता मंदिर, बस स्टैंड के नजदीक फ्लाईओवर, गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब से डीसी दफ्तर तक निकाला गया। अनुयायिओं ने कहा कि संत रामपाल ने ऐसा क्या किया है, जिस कारण उन्हें जेल में डाला गया है।
विज्ञापन
संत ने तो एक ऐसे निर्मल समाज की स्थापना करने की कोशिश की, जिसमें कोई शराब नहीं पीता, कोई जुआ नहीं खेलता, कोई रिश्वत नहीं लेता, दहेज नहीं लेता और भ्रूण हत्या नहीं करता है। उन्हीं संत और उनके अनुयायिओं के खिलाफ बरवाला कांड-2014 और करोंथा कांड-2006 में झूठे केस दर्जकर जेल में डाल रखा है।
हम उनके अनुयायिओं के तौर पर प्रत्येक केस की सीबीआई जांच की मांग करते हैं, ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके। आंदोलनकारी अनुयायिओं ने दावा कि संत निर्दोष हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है।