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Ground Report: कांग्रेस के गढ़ में पहली बार चौकोना मुकाबला, दांव पर साख; उम्मीदवारों को झोंकनी होगी पूरी ताकत

Tue, 23 Apr 2024 09:43 AM IST
विजय पुंडीर रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 23 Apr 2024 09:43 AM IST
सार

Lok Sabha Election 2024: चौकोना मुकाबला होने के कारण इस बार पटियाला में सभी पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर होने की संभावना है। इस बार के चुनावों में मुद्दे भी हावी रह सकते हैं, क्योंकि पटियाला में कई बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट सालों से लटके हैं।

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Lok Sabha Election 2024 Patiala Lok Sabha Seat Of Punjab Ground Report News in Hindi
कांग्रेस से डॉ. गांधी, भाजपा से परनीत, शिअद से एनके शर्मा, आप से डॉ. बलबीर मैदान में - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब की सियासत में हॉट मानी जा रही पटियाला सीट पर इस बार बदले सियासी समीकरणों के कारण पहली बार चौकोना मुकाबला होने जा रहा है। कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट से आप ने अपने सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, कांग्रेस ने पूर्व सांसद डाॅ. धर्मवीर गांधी, भाजपा ने चार बार की सांसद परनीत कौर और शिअद ने एनके शर्मा को मैदान में उतारा है, जबकि अब तक पटियाला में कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन व आप के बीच ही मुकाबला देखने को मिलता था।

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चौकोना मुकाबला होने के कारण इस बार पटियाला में सभी पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर होने की संभावना है। इस बार के चुनावों में मुद्दे भी हावी रह सकते हैं, क्योंकि पटियाला में कई बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट सालों से लटके हैं। उम्मीदवार हर चुनाव में इन प्रोजेक्टों को शुरू कराने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन बाद में इनकी सुध नहीं ली जाती।
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अब तक 17 चुनावों में 11 बार कांग्रेस ने फहराया जीत का परचम
कांग्रेस का गढ़ रहे पटियाला लोकसभा हलके की बात करें, तो 1952 से अब तक यहां 17 बार चुनाव हुए हैं, जिनमें सबसे अधिक 11 बार कांग्रेस अपनी जीत का परचम फहरा चुकी है। कांग्रेस के राम प्रताप गर्ग 1952 में यहां से पहले सांसद थे। पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर यहां से चार बार सांसद रह चुकी हैं। सबसे पहले वह 1999 में पटियाला से लोकसभा चुनाव जीती थीं और इसके बाद 2004, 2009 और फिर 2019 में चुनी गईं। पटियाला लोकसभा हलके में 9 विधानसभा क्षेत्र राजपुरा, घन्नौर, सन्नौर, पटियाला (शहरी), पटियाला (देहाती), नाभा, समाना, शुतराणा व डेराबस्सी पड़ते हैं। इस समय सभी हलकों में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के विधायक हैं।
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पटियाला हलके में कुल वोटरों की गिनती 1796352 है, जिनमें से 939319 पुरुष व 8,56,955 महिलाएं और 78 थर्ड जेंडर हैं। साल 2019 के लोकसभा चुनावों में इस हलके से वोट प्रतिशत 67.79 प्रतिशत रही थी। 2019 के चुनावों में परनीत ने अकाली दल के सुरजीत सिंह रखड़ा को 162718 वोटों के अंतर से हराया था। परनीत कौर को 532027 और वहीं रखड़ा को 369309 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर रहे डा. धर्मवीर गांधी को 161645 मत प्राप्त हुए थे।

कब कौन जीता
1957 में कांग्रेस के लाला अचिंत राम, 1962 में कांग्रेस के सरदार हुकम सिंह, 1967 में कांग्रेस की मोहिंदर कौर, 1971 में कांग्रेस के सतपाल कपूर, 1977 में अकाली दल के गुरचरन सिंह टोहड़ा, 1980 में कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह, 1984 में अकाली दल के चरनजीत सिंह वालिया, 1989 में आजादी उम्मीदवार के तौर पर अतिंदरपाल सिंह, 1991 में कांग्रेस के संत राम सिंगला, 1996 में अकाली दल के प्रेम सिंह चंदूमाजरा, 1998 में अकाली दल के प्रेम सिंह चंदूमाजरा, फिर लगातार तीन चुनाव में कांग्रेस की परनीत कौर, 2014 में आप के डाॅ. धर्मवीर गांधी यहां से चुनाव जीते थे।

उम्मीदवारों को कहां नफा, कहां नुकसान
पटियाला सीट पर चुनावी समीकरण बदले हैं। कांग्रेस छोड़ने के बाद परनीत कौर भाजपा में हैं। हालांकि, इस बार परनीत के लिए जीत की राह पहले के मुकाबले चुनौतीपूर्ण है। एक तरफ उन्हें चुनाव प्रचार के दौरान सभी विस हलकों में किसानों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उधर टकसाली भाजपाई भी परनीत के चुनाव प्रचार से गायब हैं, जो उन्हें टिकट मिलने से नाराज हैं। पूर्व कैप्टन सरकार की ओर से अपने चुनावी वादों पर खरा न उतरने का गुस्सा भी अब तक लोगों में है, लेकिन परनीत कौर का पटियाला के लोगों में खासा प्रभाव है, जिसका उन्हें लाभ मिल सकता है।

कांग्रेस के डॉ. धर्मवीर गांधी ह्रदय रोग विशेषज्ञ हैं और साफ-सुथरी शख्सियत के नेता माने जाते हैं। उनका शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों के लोगों में राजनेता के साथ-साथ एक डाॅक्टर के खासा प्रभाव है, लेकिन अपनों का विरोध उनके चुनाव प्रचार पर असर डाल सकता है। भाजपा से गठजोड़़ की संभावनाएं खत्म होने के बाद अकाली दल ने यहां से हिंदू चेहरा एनके शर्मा को टिकट दी है। डेराबस्सी के पूर्व विधायक शर्मा को पटियाला के लोग ज्यादा नहीं जानते हैं। हालांकि, पार्टी के आदेशों पर वह पिछले कुछ समय से पटियाला में सक्रिय थे। शर्मा के जरिये अकाली दल की हिंदू वोट बैंक भुनाने की कोशिश रहेगी। आप के डाॅ. बलबीर सिंह पटियाला देहाती हलके से विधायक हैं। 2020 के दिल्ली मोर्चे में डाॅ. बलबीर ने लंगर लगाया था और मुफ्त मेडिकल कैंप भी लगाए थे। कैबिनेट मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

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